गंजमुरादाबाद। रमजान-उल-मुबारक के आखिरी जुमा यानी अलविदा की नमाज दरगाह फजले रहमानी में अदा की गई। नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं।
दरगाह के सज्जादा नशीन मारूफ मियां ने इस मौके पर खिताब किया। उन्होंने कहा कि रमजान की आखिरी रात अल्लाह की तरफ से इनाम की रात है। यह रात सोने में गुजारने की नहीं बल्कि तौबा और माफी मांगने की रात है। मारूफ मियां ने जायरीन और स्थानीय लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि ईद की खुशियों में गरीबों और यतीमों को न भूलें। असली ईद वही है जिसमें हम जरूरतमंदों की मदद करें और भाईचारे का संदेश दें।