उन्नाव। घर के बाहर सो रही 11 साल बच्ची से दुष्कर्म के बाद दुपट्टे से गला घोटकर हत्या करने वाले रिश्ते के चाचा को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने उसपर 70 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सफीपुर कोतवाली के एक गांव निवासी 11 साल की बच्ची की 20 जून 2019 की रात घर के बाहर सोते समय दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता ने 21 जून 2019 को पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस को बताया था कि उनकी 11 साल की बेटी घर के बाहर चारपाई पर सो रही थी। बगल की चारपाई पर वह छोटी बेटी के साथ सोया था। सुबह करीब चार बजे नींद खुली तो बड़ी बेटी अपनी चारपाई पर नहीं थी।
उसकी तलाश करते हुए जब वह घर के पीछे स्थित बाग पहुंचा सुशील उर्फ रामबाबू बेटी को खींचकर ले जाते दिखा। शोर मचाने पर सुशील भाग निकला। बेटी का शव अर्द्धनग्न हालत में मिला और उसका गला, दुपट्टे से कसा था। सिर में भी कई चोटें थीं।
पिता ने गांव में ही रहने वाले सुशील पर दुष्कर्म के बाद हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने सुशील को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और मासूम बच्ची के साथ जघन्य कृत्य और हत्या का दोष साबित होने पर न्यायाधीश रविप्रकाश साहू ने सुशील उर्फ रामबाबू आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसपर 70 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी को जेल भेजा गया।
एनडीपीएस एक्ट के दोषी को सुनाई सजा
उन्नाव। कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट दोषी को दो माह 12 दिन की जेल व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
गंगाघाट पुलिस ने 30 मई 2020 को शुक्लागंज के शुभम धानुक के कब्जे से 1.200 किलो मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई की थी। शनिवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने दोषी को दो माह 12 दिन के कारावास की सजा सुनाई है। (संवाद)