फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: 100 बेड अस्पताल में न डॉक्टर न ही जांच

विज्ञापन
फोटो-6- बीघापुर 100 बेड अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
विज्ञापन
बीघापुर/मौरावां। बीघापुर और मौरावां में तीन साल पहले खोले गए 100 बेड अस्पतालों में मरीजों को अभी तक आवश्यक जांच और विशेषज्ञ इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। 2023 में इन अस्पतालों का संचालन शुरू किया गया था लेकिन डॉक्टरों और विशेषज्ञों की भारी कमी के चलते ये अस्पताल अपनी क्षमता के अनुरूप सेवाएं देने में विफल साबित हो रहे हैं। बीघापुर में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के प्रयासों से बने 100 बेड अस्पताल में डॉक्टरों के 34 पद सृजित हैं लेकिन वर्तमान में 10 डॉक्टर ही तैनात हैं। इनमें से अधिकांश अनुपस्थित रहते हैं। इसी प्रकार 34 स्टाफ नर्स के पदों में से केवल तीन ही कार्यरत हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि अस्पताल में एक भी सर्जन नहीं है जिससे आपातकालीन सर्जरी वाले मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से कई बार व्यवस्था सुधारने की गुहार लगाई है पर कोई समाधान नहीं निकला है। मौरावां के रामलीला मैदान स्थित 100 बेड अस्पताल की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। यहां भी 34 डॉक्टरों के पदों के मुकाबले केवल 13 डॉक्टर ही तैनात हैं। फिजीशियन, सर्जन और महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से मरीज परेशान हैं।
विज्ञापन

अस्पताल में सीबीसी मशीन उपलब्ध है लेकिन टेक्नीशियन न होने के कारण वह बेकार पड़ी है। एक्सरे मशीन खराब है और अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध न होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

फोटो-6- बीघापुर 100 बेड अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद

फोटो-6- बीघापुर 100 बेड अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद

फोटो-6- बीघापुर 100 बेड अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें