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Unnao News: दस मिनट में हर हाल में मरीजों के पास पहुंचे एंबुलेंस

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उन्नाव। दुर्घटना या अचानक किसी के गंभीर रूप से बीमार होने पर लोगों को सही समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पा रही है। इससे कई लोगों की हालत गंभीर हो चुकी है। मामले का संज्ञान लेकर प्रमुख सचिव ने रिस्पांस समय 10 मिनट के भीतर ही मरीज के पास एंबुलेंस पहुंचने का निर्देश दिया है
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एंबुलेंस समय पर पहुंचने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार सूचना मिलने के बाद अधिकतम 10 मिनट के भीतर एंबुलेंस को मौके पर पहुंचना चाहिए। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि यदि दुर्घटना या गंभीर अवस्था में मरीज को एक घंटे के भीतर उचित इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है लेकिन बीते दिनों जिले में कई ऐसे मामले हुए जिनमें मरीजों को समय से एंबुलेंस नहीं मिल पाई। जिले में 108 व 102 की 80 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। इसके बाद भी ऐसे मामले सामने आए। इन घटनाओं को शासन ने गंभीरता से लिया है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने संज्ञान लेते हुए जिले में एंबुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस रिस्पॉन्स टाइम, कॉल रिसीविंग सिस्टम और एंबुलेंस की उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी एंबुलेंस तकनीकी रूप से दुरुस्त रहें और प्रशिक्षित स्टाफ हर समय तैनात हो।
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केस एक-
पांच जुलाई 2025 को पेड़ की लकड़ी काटने के दौरान शहर के शिव नगर निवासी मंतोष पेड़ से गिरकर घायल हो गए थे। पत्नी ने कई बार एंबुलेंस को फोन मिलाया लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली थी। इसके बाद परिजन ठेलिया से लादकर मंतोष को एक निजी अस्पताल लेकर गए थे।

केस दो
22 मार्च 2020 को गंजमुरादाबाद के कैथोली निवासी प्रमोद की पत्नी बबली गर्भवती थी। उन्होंने 102 एंबुलेंस को फोन किया था लेकिन चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। इसके बाद जब दो बजे एंबुलेंस मिली तो हालत गंभीर हो गई थी। महिला को पहले जिला अस्पताल, इसके बाद जिला अस्पताल से हैलट रेफर कर दिया गया था।

केस तीन
31 जुलाई 2019 को अजगैन के रायपुरगढ़ी निवासी मनोज की पत्नी रोशनी पांच माह की गर्भवती थीं। रूटीन जांच के लिए नवाबगंज सीएचसी पहुंचना थ। वह सुबह नौ बजे से लगातार 12 बजे तक फोन मिलाया लेकिन उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल सकी थी।

फोटो- हसनगंज सीएचसी में एंबुलेंस की लॉग बुक चेक करते प्रभारी सीएमओ डॉ.एचएन प्रसाद। स्रोत: कर्मचारी
सीएचसी के वार्ड में गंदगी मिलने पर लगाई सीएमओ ने फटकार
उन्नाव। प्रभारी सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद ने शनिवार को हसनगंज सीएचसी का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। यहां उन्हें डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर बोर्ड नहीं मिला। इसपर उन्होंने नाराजगी जताई और बोर्ड चस्पा करने का निर्देश दिया। वार्ड में गंदगी मिलने पर भी फटकार लगाई। वहीं एंबुलेंस में दर्द निवारक और खून रोकने का इंजेक्शन कम मिलने पर वॉयल बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बतााया कि रिस्पांस टाइम और पर्याप्त दवाएं एंबलेंस में उपलब्ध रहें। प्रभारी सीएमओ ने बताया कि जो कमियां मिली हैं, तत्काल प्रभाव से सही कराई जा रही हैं। दोबारा अगर लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
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