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Unnao News: कोई तुलसी ही बता पाएगा जमाने को... प्राण से प्यारी क्यों रत्नावली की बस्ती

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फोटो-16- काव्य पाठ करतीं कवयित्री विभा सिंह। संवाद - फोटो : reasi news
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उन्नाव। मोम पत्थर को करे इश्क अजब हस्ती है, सांप रस्सी बना और लाश बनी कश्ती है, कोई तुलसी ही बता पाएगा जमाने को, प्राण से प्यारी क्यों रत्नावली की बस्ती। कवि सम्मेलन में जब ये पंक्तियां कवयित्री विभा सिंह ने पढ़ी तो पंडाल तालियाें से गूंज उठा।
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बाईपास स्थित उदयन भवन में शनिवार रात सृजन साहित्यिक संस्था के 20वें कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक पंकज गुप्ता, मेरठ के एसपी डॉ. राजीव दीक्षित और एडीएम सुशील कुमार गोंड ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया। इसके बाद कवि अतुल बाजपेई ने पढ़ा, बल, बुद्धि, पराक्रम के सागर, जिनके आयुध धनु सायक हैं, वह पुरुषोत्तम, भारत गौरव, प्रभु राम हमारे नायक हैं से वाहवाही लूटी।
कवि अनुराग मिश्रा गैर ने पढ़ा, आपने ही पांव काटा था हमारा एक दिन, अब हमारे हक में कुछ बैसाखियां लिख दीजिए, आदमी का जंग में मरना हमें भाता नहीं, इस अहद में कुछ नई बीमारियां लिख दीजिए पढ़कर तालियां बटोरीं। मुमताज नसीम ने पढ़ा कि ये कोन कहता है हम दिल बिछाए बैठे हैं, तुम्हारे नाम का दीपक जलाए बैठे हैं, किसी फरिश्ते कि मानिंद लग रहे हैं जो, किसे पता है मेरा दिल दुखाए बैठे हैं।
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कवि नीरज पांडेय अपने पौरुष से वीरों ने इसका भाग्य संवारा है,पानी जिसका लासानी ऐसा उन्नाव हमारा है, पढ़कर जिले का गौरव गान किया। योगेश चौहान, रवि शंकर चतुर्वेदी, प्रमोद पंकज, डॉ. विनय दीक्षित, योगेंद्र शर्मा आदि ने भी काव्य पाठ किया। सृजन के अध्यक्ष बीवी सिंह चंदेल, प्रेम सिंह सेंगर, हाईकोर्ट अधिवक्ता ओपी तिवारी भी माैजूद रहे।
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