अचलगंज। साहित्यकार पं. प्रताप नारायण मिश्र की 170वीं जयंती पर बेथर में बुधवार की देर शाम कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कवियों ने रचनाओं से साहित्यकार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कवयित्री रूपा पांडेय ने सरस्वती वंदना पढ़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद कवयित्री पल्लवी ने राम ही राम जपती तुम्हारी प्रिया, हाय कैसी परीक्षा सिया के पिया...पढ़कर श्रोताओं को मंत्रगुग्ध कर दिया।
कवि उमाशंकर यादव ने पावन पुनीत बेथर की महान भूमि, अपने प्रताप को नमन बारंबार है, रण बांकुरों की तलवारों की महान भूमि, जहां पंडित प्रताप की कलम तलवार है पढ़कर, नमन किया। ओज कवि प्रख्यात ने बोटी-बोटी कट जाऊं, इंच- इंच बंट जाऊं, लाडला न पुरखों की नाक को कटवाएगा, या तो तिरंगा लपेट घर आऊंगा, या फिर तिरंगा सीमा पार लहराऊंगा पढ़कर युवाओं में जोश भरा।
कवि रामेश्वर द्विवेदी प्रलयंकर ने राज छोड़ा, पाट छोड़ा, छोड़ा है अयोध्या धाम, किंतु धनु बाण दिव्य कंधे पे सजाए हैं पढ़कर वाहवाही लूटी। इसके अलावा कवि दिलीप दुबे, श्रवण कुमार ने आदि ने भी काव्य पाठ किया। संचालन कवि राम किशोर तिवारी ने किया। आयोजक हरि सहाय मिश्र मदन ने श्रोताओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। जिला पंचायत सदस्य अंकित मिश्र, राधे मिश्र, सतीश पांडेय ,राजकुमार सिंह, शिव सहाय मिश्र भी मौजूद रहे।