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Unnao News: अब जांच नहीं हो पाएगी, अगले दिन आना

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फोटो-8- जिला पुरुष अस्पताल की पैथोलॉजी में सैंपल देने के लिए खड़े मरीज। संवाद
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उन्नाव। जिला अस्पताल में मरीजों को डेढ़ बजे से ही बिना सैंपल लिए वापस कर दिया। जांच के लिए पहुंची उर्मिला ने बताया कि वह गुरुवार को भी लाइन लगी थी लेकिन नंबर जब आया तो सैंपल लेने बंद हो गए। इसके बाद शुक्रवार को आईं तो डेढ़ बजे ही वापस कर दिया। बताया कि गार्ड और स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि अब जांच नहीं हो पाएगी अगले दिन आना।
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जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें तकरीबन 400 मरीजों को डॉक्टर खून की जांच कराने की सलाह देते हैं। शुक्रवार को डॉक्टर को दिखाने के बाद डायग्नोस्टिक ब्लॉक में जांच के लिए सैंपल देने वालों की भीड़ 10 बजे से लगने लगी। इस बीच मरीज और तीमारदारों में धक्कामुक्की और नोकझोंक भी हुई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने डेढ़ बजे ही सैंपल लेना बंद कर दिया जबकि सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक सैंपल लेने का नियम है। जांच के लिए लाइन में लगी मंगतखेड़ा की रामश्री ने बताया कि वह दो दिन से जांच कराने के लिए आ रही हैं लेकिन उनका सैंपल हीं नहीं लिया गया। शुक्रवार को नंबर आ गया था। स्वास्थ्य कर्मियों ने यह कहकर वापस कर दिया कि अब समय हो गया है, अगले दिन आना। अब सैंपल नहीं लिया जाएगा। रामखेलावन ने बताया कि डेढ़ बजे तक ही सैंपल लिया गया। अगर दो बजे तक सैंपल लिया जाता तो लाइन में खड़े सभी मरीजाें की जांच हो जाती।
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बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष से भी हो चुकी है कहासुनी
दो सितंबर को डायग्नोस्टिक ब्लॉक में पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला रूटीन जांच के लिए पहुंचे थे। वहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी ने उनसे पर्चा मांगा। पर्चा न होने और रूटीन चेकअप होने की बात बताई लेकिन उनकी जांच नहीं की गई। पूर्व अध्यक्ष ने गलत बर्ताव का विरोध किया तो महिला कर्मी ने सुरक्षा गार्डों को बुला लिया था। इस पर पूर्व अध्यक्ष ने सीओ सिटी को फोन किया और मामले की जानकारी दी। कुछ ही देर में पुलिसकर्मी और इसी बीच स्वास्थ्य अधिकारी भी पहुंच गए और मामला शांत कराया था।

मामले की जांच कर होगी कार्रवाई
दो बजे तक सैंपल लेने का निर्देश पहले से ही दिया गया है। अगर डेढ़ बजे तक सैंपल लिए गए हैं तो यह गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। डॉ. राजीव गुप्ता, सीएमएस।
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