अचलगंज। कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से चार लाख रुपये ठगने और पासपोर्ट वापस न करने का मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि वीजा और हवाई टिकट का भरोसा देकर कई महीने तक टालमटोल की गई। रुपये वापस मांगने पर गालीगलौज और धमकी दी गई।
माखी थाना क्षेत्र के मुलुकगड़ार गांव निवासी संदीप कुमार रावत और हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के इस्माइलाबाद गांव निवासी सौरभ ने अचलगंज थाना पुलिस को शिकायती पत्र दिया। बताया कि संदीप के पिता छत्रपाल की पहचान शहर के आवास-विकास कॉलोनी निवासी राजेंद्र तिवारी से थी। आरोप है कि राजेंद्र ने दोनों को कुवैत में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और अचलगंज निवासी धनीराम से मिलवाया।
धनीराम ने प्रति व्यक्ति डेढ़ लाख रुपये लेकर विदेश भेजने की बात कही। पीड़ितों के मुताबिक, जनवरी और फरवरी 2026 में दोनों ने धनीराम को तीन लाख रुपये नकद दिए। लखनऊ ले जाकर कथित तौर पर मेडिकल जांच कराई गई। इसके नाम पर भी 50-50 हजार रुपये और लिए गए। आरोप है कि धनीराम ने दोनों के पासपोर्ट भी अपने पास रख लिए। दो महीने में वीजा और हवाई टिकट आने की बात बताई।
21 अप्रैल 2026 को मुंबई से कुवैत जाने की तारीख बताई गई, लेकिन वहां दंगे का हवाला देकर यात्रा टाल दी गई। इसी दौरान टिकट के नाम पर दोनों से 75-75 हजार रुपये और मांगे गए। बाद में कुवैत की जगह दुबई भेजने की बात कही गई, जिसे युवकों ने ठुकरा दिया। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी रकम और पासपोर्ट वापस मांगे तो उन्हें धमकाया गया। थानाध्यक्ष एसएन त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर राजेंद्र तिवारी और धनीराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।