मृतक संतोष की पत्नी सोनी को ढाढ़स बंधाती महिलाएं। स्रोत: ग्रामीण
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नवाबगंज। लखनऊ में श्रद्धालुओं से भरी एसयूवी डिवाइडर से टकराने से हुई पिता-पुत्री सहित तीन की मौत की घटना में चौथे दिन तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। पति और बेटी का शव देख घायल पत्नी बिलखते हुए बेहोश हो गई। परिजन ढांढस बंधाते रहे। वह मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाई।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के माधवखेड़ा निवासी संतोष (44) पत्नी, बच्चे और सोहरामऊ थानाक्षेत्र के खड़वारी निवासी सास रामदुलारी सहित अन्य रिश्तेदारों के साथ सोमवार को गंगाजल लेकर बाराबंकी स्थित औशानेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे थे। लखनऊ के गोल्फसिटी थाना क्षेत्र में किसान पथ में एसयूवी के डिवाइडर से टकराने से संतोष, उनकी तीन साल की बेटी नैन्सी और सास राम दुलारी की मौत हो गई थी। पत्नी सोनी और अन्य रिश्तेदार घायल हो गए थे।
मंगलवार शाम तीनों के शव पोस्टमार्टम बाद घर पहुंचने पर चीख पुकार मच गई थी। बुधवार की सुबह संतोष की घायल पत्नी को एंबुलेंस से घर लाया गया। पति और बेटी का शव देखकर वह बिलख पड़ीं। बेहोश होने पर लोगों ने पानी के छींटे डाले। बाद में एक अस्पताल ले जाया गया। पिता-पुत्री के शव खेत में दफन किए गए। रामदुलारी का शव उनके गांव के खेत में दफन किया गया।