मवईभान स्कूल में टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते छात्र। संवाद
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उन्नाव। जिले के 173 स्कूल ऐसे हैं जिनमें अभी तक नौनिहालों के लिए कुर्सी-मेज की व्यवस्था नहीं है। वह अभी भी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे हैं। अगर जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो बच्चों को इस बार भी सर्दी में टाट-पट्टी पर ही बैठकर पढ़ना होगा। वहीं जिम्मेदार, मांगपत्र निदेशालय भेजे जाने का रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं।
जिले में 16 ब्लॉक और नगर क्षेत्र में 2709 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इसमें 1883 प्राथमिक, 375 कंपोजिट और 541 उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में करीब 2.23 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन हकीकत यह है कि स्कूलों में व्यवस्थाओं में अभी भी बड़ा अंतर है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों की माने तो 2536 स्कूल ऐसे हैं जहां टाट-पट्टी की व्यवस्था समाप्त कर कुर्सी-मेज में छात्रों को पढ़ाई कराई जा रही हैं। वहीं 173 स्कूल ऐसे हैं जहां अभी भी छात्र टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। खासकर सर्दियों में फर्श की ठंडक के बीच पढ़ाई करना नौनिहालों के लिए चुनौती बन जाता है। जिन स्कूलों में टाट-पट्टी की व्यवस्था है, वह अधिकतर प्राथमिक स्कूल हैं। छात्रों को लंबे समय तक टाट-पट्टी या चटाई पर बैठने से उन्हें असहज स्थिति में पढ़ाई करनी पड़ती है। छोटे बच्चों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है।
भेजी गई फर्नीचर की डिमांड, बजट का इंतजार
लगातार प्रयास कर स्कूलों में कुर्सी-मेज की व्यवस्था कराई गई है। जो भी शेष स्कूल बचे हैं उनमें भी टाट-पट्टी की व्यवस्था समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। कुर्सी-मेज के लिए डिमांड भेजी गई थी, इसी सप्ताह आने की उम्मीद है। बजट मिलते ही इन स्कूलों में व्यवस्था करा दी जाएगी। समाजसेवी संस्था व जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जा रहा है।-शैलेष पांडेय, बीएसए
मवईभान स्कूल में टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते छात्र। संवाद- फोटो : ArchivE