शव निकालने के दौरान मौजूद एसडीआरएफ और पुलिस। संवाद
उन्नाव। अकरमपुर स्थित कुएं से रविवार को एसडीआरएफ, अग्निशमन व पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव निकाला। शव युवक का था जो सड़ गया था। पुलिस ने पहचान का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर सदर कोतवाली के अकरमपुर स्थित कुएं में शव पड़ा होने पर शनिवार शाम कोतवाली पुलिस ने जांच की थी। करीब 50 फीट गहरे कुएं में पुलिस ने टार्च की रोशनी में शव देखा था। जहरीली गैस की आशंका से कोई कुएं में नहीं उतरा था। रविवार को एसडीआरएफ की 16 सदस्यीय टीम के साथ अग्निशमन व पुलिस की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव बाहर निकाला।
जामा तलाशी में कपड़ों से एक सिम और महिला का आधार कार्ड मिला। आधारकार्ड से महिला तक पुलिस पहुंची तो उसने बताया कि वह काफी समय पहले गिर गया था। उसकी प्राथमिकी दर्ज कराकर दूसरा बनवा लिया है। महिला ने युवक को पहचानने से मना कर दिया। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि शव की पहचान नहीं हो पाई है। सिम एक्टीवेट कराया जा रहा है, उससे कुछ हासिल हो सकता है।
चौकी पुलिस की भूमिका पर सवाल, नशेबाजों का रहता जमघट
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक सप्ताह से शव पड़े होने की चर्चा थी। इसके बावजूद पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। समय रहते शव निकाला जाता तो शायद पहचान हो जाती। कुएं से महज 20 कदम दूर कंपोजिट शराब की दुकान और 50 कदम की दूरी पर देशी शराब का ठेका है। कंपोजिट शराब की दुकान से कुएं तक शाम होते ही नशेबाजों का जमघट लगता है। कई लोग कुएं की जगत पर बैठकर भी शराब पीते हैं।
हत्या कर शव फेंके जाने की चर्चा
लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कुएं के आगे अक्सर ट्रक खड़े रहते है और वहां पीने वालों का आना-जाना भी बना रहता है। ऐसे में कोई हत्या कर शव यहां लाया और कुएं में फेंक कर चला गया होगा।