फतेहपुर चौरासी। सरांय पतौली गांव में मृतक की पट्टे की जमीन के कूटरचित दस्तावेज बनाकर बैनामा कराने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता नबीहसन ने जमीन हड़पने और धमकी देने का आरोप लगाया है।
सरांय पतौली निवासी नबीहसन ने पुलिस को तहरीर दी है। बताया कि परशुराम को वर्ष 1975 में गाटा संख्या 396/5 की जमीन पट्टे में मिली थी। परशुराम और उनकी पत्नी की मौत हो गई। उनकी कोई संतान नहीं थी। सैंता गांव के आरिफ गोवा ने साथियों के साथ साजिश रची। पतौली निवासी परसू पुत्र केशव के आधार कार्ड में बदलाव किया। मृतक का नाम बदलकर परशुराम पुत्र केशव उर्फ सीताराम कर दिया गया। इसके बाद सैंता गांव के रामभरोसे पुत्र किशोरी के नाम फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। आरिफ ने बाद में यह भूमि अपनी मां को संरक्षिका बनाकर चार बेटियों के नाम बैनामा करा लिया।
नबीहसन ने बताया कि 10 मई 2026 को वह सुखलाल और बुद्धा के साथ तकिया चौराहे पर खड़े थे। तभी आरिफ भाई तारिक और बेटे रिजवान के साथ आया। सुखलाल को जातिसूचक गालियां दीं। आरिफ और उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।