फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: एक्सप्रेसवे पर दो जगह 350 मीटर सड़क दबी, 10 किलोमीटर में जलभराव से परेशानी

विज्ञापन
फोटो-33- कानपुर-लखनऊ लेन पर किमी संख्या 47 टूटी सड़क की होती मरम्मत। संवाद
विज्ञापन
असोहा/अचलगंज। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे ग्रामीण मार्ग से बदतर साबित हो रहा है। सोमवार को एक्सप्रेसवे पर दो अलग-अलग स्थानों पर 350 मीटर सड़क दब गई। इसे उखाड़कर दोबारा बनाया जा रहा है। सोमवार सुबह शुरू हुई बारिश के दौरान कानपुर से लखनऊ लेन पर तीन अलग-अलग स्थानों पर करीब 400 मीटर सड़क में नाली (व्हील ट्रैक) बनने से जलभराव हो गया। करीब 10 किलोमीटर में अलग-अलग स्थानों पर पानी भरा मिला।
विज्ञापन

लखनऊ की ओर जा रही तेज रफ्तार कार पानी में जाने से उसके क्लच प्लेट स्लिप करने लगे। उधर, लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर 200 मीटर सड़क दबने से बनी नालियों में भरे पानी ने पोली सड़क की हकीकत खोल दी। कई स्थानों पर पानी के बहाव के साथ सड़क पटरी भी कट गई है। निर्माण एजेंसी अलग-अलग टीमें लगाकर लगातार मरम्मत और जलनिकासी के लिए एंजिंग तोड़ने में लगी रहीं।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह धंसी सड़क वाहन चालकों के लिए परेशानी की वजह बनी है। हालत यह है कि 36 दिन पहले लोकार्पण के 12वें दिन से सड़क धंसने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह लगातार 24 वेंदिन भी जारी रहा। हालत यह है कि एक जगह सड़क की मरम्मत हो नहीं पाती तब तक दो-चार जगह और दब जाती है। सोमवार को कानपुर-लखनऊ लेन पर किमी संख्या 46.4 तूरी गांव के पास 50 मीटर सड़क को निर्माण एजेंसी ने खोदकर दोबारा मरम्मत शुरू की, हालांकि बारिश, मरम्मत के काम में बाधक बनती रही। इसी लेन पर तूरी गांव के पास किमी संख्या 46.9 से 47.2 तक तीन सौ मीटर सड़क में कई जगह खराब होने से मरम्मत कराई जा रही है।
विज्ञापन

लखनऊ से कानपुर लेन पर किलोमीटर 49.3 से 49.5 तक भटखेरवा गांव के पास 200 मीटर में वाहनों के व्हील ट्रैक में दबने से जलभराव की स्थिति बनी रही। इसी लेन पर किलोमीटर संख्या 50.4 जगेथा गांव के पास माइनर नहर पुल के पास सड़क के किनारे का कुछ हिस्सा टूट गया है। किमी संख्या 53 से 53.2 तक बाबा खेड़ा के सामने सड़क में पानी की भरने से समस्या रही। वहीं कानपुर से लखनऊ लेन पर किमी 53.8 से 53.9 तक सौ मीटर में सड़क दबने लगी है। वहीं किलोमीटर संख्या 31 से 31.1 तक सौ मीटर सड़क दबी है। यहां पर चार दिन पहले ही पैचवर्क कराया गया था।

120 की स्पीड का दावा, 70 पर झटके
जिस एक्सप्रेसवे पर चार पहिया वाहनों को 120 किलोमीटर और भारी वाहनों को 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने के दावे किए गए थे उसपर 60 से 70 किमी की रफ्तार में ही वाहन सवार लोगों को झटके दे रहा है। पुल-पुलिया के पास उछाल और जगह-जगह व्हील ट्रैक बनने से वाहन लहरा रहे हैं।

अचानक सामने आए मवेशी, वाहन चालकों को छूटा पसीना
असोहा। लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 51.1 पर रेस्ट एरिया के पास सोमवार दोपहर कई वाहन वाहन हादसे का शिकार होते बचे। तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशियों का झुंड आ गया। कानपुर की ओर जा रहे कार व अन्य वाहन चालकों ने अचानक सामने मवेशी देख तेज ब्रेक लगाई तो कई वाहन लहरा गए। वाहन एक-दूसरे में टकराते बचे, गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की कवायद
असोहा। जगह-जगह दब रहे एक्सप्रेसवे से हुई किरकिरी और ड्रेनेज सिस्टम की खामियां सामने आने के बाद अब इसके सुधार की कवायद जारी है। कई जगह नालियां सड़क से ऊंची होने या क्षतिग्रस्त होने से बारिश का पानी नाली सड़क और साइड पटरी में रुक रहा है। इससे सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। पिछले दिनों जांच के दौरान आईआईटी की टीम ने खामियों पर ध्यान देने की बात कही तो अब इनके सुधार की कवायद की जा रही है। पूरे एक्सप्रेसवे में दर्जन भर से अधिक स्थानों पर हैमर मशीनों से एजिंग को तोड़कर पानी के निकलने का सीधा रास्ता बनाया जा रहा है।
वर्जन....
एक्सप्रेसवे में जहां भी छोटी-बड़ी कमी नजर आ रही है उसे तत्काल ठीक किया जा रहा है। व्हील ट्रैक बनने वाले स्थानों पर भी सड़क की ऊपरी परत को उखाड़ कर बनाया जा रहा है, ताकि वाहन चालकों को किसी तरह की समस्या न हो। ड्रेनेज सिस्टम में जहां भी कमी नजर आ रही है या पानी रुक रहा है उसमें सुधार किया जा रहा है। पिछले दिनों की जांच में आईआईटी की रिपोर्ट भी जल्द ही आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर सुधार के जो भी सुझाव बताए जाएंगे उस आधार पर व्यापक काम कराए जाएंगे। -सत्य नारायण, मैनेजर पीएनसी।

फोटो-33- कानपुर-लखनऊ लेन पर किमी संख्या 47 टूटी सड़क की होती मरम्मत। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें