उन्नाव। गदनखेड़ा चौराहे पर रविवार की रात दो गाड़ियों में 32 मवेशी मिले थे। पुलिस ने दो वाहन चालकों सहित तीन पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
उपनिरीक्षक रामआनंद पटेल ने बताया कि नौ अगस्त की रात गदनखेड़ा चौराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि मवेशी लदी दो गाड़ियां तेज रफ्तार में आ रही हैं जो रायबरेली की ओर जाएंगी। इस पर वाहनों को रोकने का प्रयास किया तो चालक गाड़ी भगाने लगे। उसी समय दो-तीन और बड़ी गाड़ियां आने से जाम की स्थिति बनी और मवेशी लदी गाड़ियां भाग नहीं पाईं। दोनों को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में डीसीएम चालक ने अपना नाम सर्वेश कुमार निवासी गदनखेड़ा बताया। उसके साथ सहायक में बांदा जिले के थाना विसंडा के गांव गुर्रई निवासी फिरोज भी था। दूसरे लोडर चालक फतेहपुर जिले के गौसपुर हथगांव निवासी मो. हसन को गिरफ्तार किया गया। दोनों वाहनों में 28 भैंस और चार पड़वा लदे मिले जो मानक से बहुत अधिक थे लेकिन सभी जीवित मिले। पूछने पर बताया कि वह सभी मवेशियों को रायबरेली ले जा रहे हैं लेकिन मवेशी संबंधी कोई भी कागज नहीं दिखा पाए। इस पर दोनों वाहनों को सीज करते हुए तीनों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है।
कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि दोनों वाहनों में क्षमता से अधिक मवेशी मिले थे। वाहनों के चालक मवेशी संबंधी कागज नहीं दिखा पाए। दोनों वाहनों का चालान करने के साथ दो चालक सहित तीन के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।