उन्नाव। सोहरामऊ क्षेत्र में बेटे की पिटाई से हुई पिता की मौत के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश कविता मिश्रा ने दोषी बेटे सुंदर को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा गैर इरादतन हत्या का दोष साबित होने पर दी गई है।
घटना 14 फरवरी 2022 की रात करीब आठ बजे बाबाखेड़ा गांव में हुई थी। राममूर्ति खेत पर मटर की फसल की रखवाली कर रहे थे। तभी उनका बेटा सुंदर शराब के नशे में वहां पहुंचा। सुंदर ने पिता राममूर्ति से मारपीट शुरू कर दी। राममूर्ति की पत्नी बिट्टू ने बताया था कि जानकारी मिलने पर वह, बेटी रामप्यारी और दामाद पिंटू खेत पहुंचे। वहां पहुंचने पर देखा कि बेटा पति को पीट रहा था। गंभीर रूप से घायल होने से अस्पताल पहुंचने से पहले ही पति की मौत हो गई।
मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने सुंदर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। 28 मार्च 2022 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मंगलवार को अपर सत्र न्यायालय प्रथम में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश कविता मिश्रा ने सुंदर को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।