पुरवा। एमआरएस इंटर कॉलेज में वरिष्ठ लिपिक और डीआईओएस कार्यालय के लिपिक की मिलीभगत से करीब 65 लाख रुपये का घपला हुआ था। जांच समिति ने स्कूल के लिपिक और दो परिचारकों से उनके बैंक संबंधी जानकारी ली और अभिलेख जमा कराए। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम ने डीआईओएस से शिकायत की थी कि सहायक लिपिक के बैंक खाते में कोषागार से 2,93,913 रुपये भेजे गए हैं। विद्यालय प्रशासन द्वारा मांगे गए बैंक विवरण की जांच के दौरान यह लेन-देन उजागर हुआ था। बाद में पता चला था कि अलग-अलग कर्मचारियों के खाते में करीब 65 लाख रुपये स्कूल के बाबू ने डीआईओएस कार्यालय के लिपिक के साथ मिलकर भिजवाए और उसे अपने रिश्तेदार का बताते हुए निकलवा भी लिया था। मामला बढ़ता देख डीआईओएस ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम के सदस्यों ने कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम, परिचारक कुलदीप और विनोद त्रिपाठी को बुलाया था। टीम के सदस्यों ने तीनों के बैंक स्टेटमेंट जमा कराए और घटना संबंधी पूरी जानकारी ली। जांच जारी होने की वजह से अप्रैल महीने का वेतन भी नहीं जारी किया गया है। चर्चा है कि वेतन काटा गया है और इसी तरह से धीरे-धीरे भरपाई की जाएगी।
डीआईओएस सुनीलदत्त ने बताया कि अभी जांच चल रही है। टीम के सदस्यों ने सभी के बयान दर्ज कर लिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।