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Unnao News: जमीन के विवाद में बेटे ने गड़ासे से पिता को उतारा मौत के घाट

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फोटो-22- हत्यारोपी बेटा धर्मेंद्र। संवाद
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नवाबगंज (उन्नाव)। बगहा गांव में एक बिस्वा जमीन बेचने के विवाद में बड़े बेटे ने पिता के गर्दन पर गड़ासे से वार कर हत्या कर दी। उसी ने परिजन को सूचना दी और भाग गया। हत्या में फंसने के डर से बाकी भाई भी घर से भाग गए। महिलाओं के रोने से गांव भर में बात फैली तो मामला पुलिस तक पहुंचा। थानाध्यक्ष ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट में गर्दन में पीछे की ओर धारदार हथियार के चार वार और सिर व चेहरे में किसी वजनी चीज से हमले के तीन वार की पुष्टि हुई। छोटे बेटे ने बड़े भाई के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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सोहरामऊ थाना क्षेत्र के गांव बगहा मुस्तफाबाद निवासी गंगाप्रसाद (53) खेती करते थे। वह शराब के लती थे। चार बेटों में तीन साथ रहते थे। बड़ा बेटा धर्मेंद्र ससुराल में पत्नी और तीन बेटियों के साथ रह रहा था। एक साल पहले गंगाप्रसाद ने एक बीघा छह बिस्वा जमीन बेची थी। जमीन बेचने की जानकारी गंगाप्रसाद ने साथ रहने वाले तीन बेटों को दी थी। बड़े बेटे को नहीं बताया था। उसे जमीन बेचने का पता चला तो उसने विरोध भी किया था। दोबारा बिना बताए जमीन न बेचने की चेतावनी दी थी। शराब के लती होने के कारण रुपये जब खर्च हो गए तो पिता और तीनों पुत्रों ने मिलकर फिर एक बिस्वा जमीन और बेच दी। खरीदार से 2.10 लाख रुपये एडवांस भी ले लिए थे।

इसका पता जब बड़े बेटे धर्मेंद्र को चला तो एक सप्ताह पहले ही वह गांव आ गया लेकिन उसे यह नहीं बताया गया कि पैसा एडवांस में ले लिया है। उसे पता चला कि जमीन का सौदा गांव के ही एक युवक ने कराया है। धर्मेंद्र जब उससे मिला तो पता चला कि बृहस्पतिवार को रजिस्ट्री होनी है। इस पर धर्मेंद्र तहसील पहुंचा तो पिता, छोटा भाई महेंद्र सहित अन्य लोग मौजूद थे। उसने पिता के हाथ से स्टांप छीनकर फाड़ दिए। वहां कुछ कहासुनी हुई लेकिन सभी घर चले आए। बताते हैं रात में जब सभी एकत्र हुए तो फिर विवाद शुरू हुआ लेकिन घर वालों ने शांत कराया और सभी सोने चले गए।
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रात को जब सभी सो रहे थे तभी धर्मेंद्र ने गड़ासे से पिता के गर्दन में पीछे की ओर तीन से चार वार करने के साथ पास रखे डंडे से सिर और चेहरे पर वार कर हत्या कर दी। कुछ देर बाद खुद ही परिजन को सूचना दी। पिता का खून से लथपथ शव देख पहले तो सभी बेटे मौके से भाग गए लेकिन बाद में महिलाओं में चर्चा बढ़ी और पड़ोसियों को घटना का पता चला तो मामला पुलिस तक पहुंचा। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। घर से भागे बेटों को पूछताछ की बात कहकर बुलाया तो सभी आ गए लेकिन धर्मेंद्र नहीं आया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गांव के बाहर से गिरफ्तार कर लिया।

बेटे नरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने हत्यारोपी धर्मेंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेजा है। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार भी करा दिया गया है। हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।





सोसाइटी से कर्ज की भी चर्चा, पुलिस कर रही जांच



नवाबगंज। पुलिस को जांच में पता चला कि मृतक गंगाप्रसाद पर सोसाइटी का कुछ कर्ज भी था इसीलिए वह जमीन की बिक्री करना चाह रहा था। कितना कर्ज था यह अभी तक उनका कोई भी बेटा नहीं बता पाया है। पता यह भी चला है कि पहले जो एक बीघा जमीन बेची थी, वह भी नशे में ही उड़ा दी। हत्यारोपी बेटे का कहना था उसमें भी उसे एक रुपये नहीं दिए। अगर कर्ज था तो उसी से अदा हो सकता था। एसओ ने बताया कि कर्ज वाली बात को भी जांच में शामिल किया गया है।





रिश्तों के कत्ल के साथ परिवार भी बिखरा

नवाबगंज। बड़े बेटे के पिता की हत्या करने से एक तरफ रिश्तों का कत्ल तो हुआ ही साथ ही परिवार भी बिखर गया। हत्यारोपी धर्मेंद्र के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी के सामने तीन बेटियों के पालन-पोषण की समस्या सामने आ गई है। अब उसे पति को जेल से छुड़ाने का प्रयास करना होगा। साथ ही अकेले ही बेटियों की भी जिम्मेदारी का बोझ उठाना पड़ेगा। उसे ही पति को कलयुगी बेटा होने के ताने भी सुनने को मिल रहे हैं, इससे भी वह आहत है। बता दें कि मृतक गंगा प्रसाद की पत्नी की मौत के बाद वह अपने तीन बेटों में महेंद्र, नरेंद्र और जीतेंद्र के साथ रह रहा था। (संवाद)
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