फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: बंदी का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए किया हंगामा

विज्ञापन
फोटो-5- पुरवा गांव में युवक का शव आने के बाद हंगामा कर रहे परिजनों को समझाते एसओ योगेश कुमार सि
विज्ञापन
चकलवंशी (उन्नाव) । प्रतापगढ़ जेल में पॉक्सो, छेड़छाड़ और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी माखी थाना के पुरवा गांव निवासी दीपक उर्फ राहुल (22) पुत्र सत्तीप्रसाद की जेल परिसर में आग से जलकर मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार सुबह शव गांव पहुंचा। परिजनों ने साजिशन हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। माखी थानाध्यक्ष ने परिजनों को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में परियर घाट पर शव अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन

बड़े भाई रोहित उर्फ रंगीलाल ने बताया कि 14 अप्रैल को जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी। दीपक ने जमानत मिलने की उम्मीद जताते हुए 15 अप्रैल को प्रतापगढ़ आने के लिए कहा था। बताया कि प्रतापगढ़ की युवती से भाई दीपक का फोन से संपर्क हो गया था। उसी युवती के मिलने वाले युवक ने बाद में दीपक के मोबाइल से गांव की दूसरी महिला से बात की तो उस महिला का फोन भी दीपक के नंबर पर आने लगा। दीपक भी दूसरी महिला के संपर्क में आया। उसी महिला ने दीपक पर अपनी चचेरी सास को आत्महत्या के लिए उकसाने और चाची की नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की प्राथमिकी प्रतापगढ़ के कंधई थाने में 13 फरवरी 2024 को दर्ज कराई थी।
पुलिस ने एक नवंबर 2025 को आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शुक्रवार को भाई की जलकर मौत होने की सूचना दी गई थी। शनिवार सुबह शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजन जेल में साजिशन हत्या का आरोप लगा दोबारा पोस्टमार्टम कराने पर अड़ गए। थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया कि मजिस्ट्रेट की निगरानी में गठित टीम के साथ उच्चाधिकारियों की ओर से भी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई अवश्य होगी।
विज्ञापन

रोहित का आरोप है कि इस मामले में कई और युवकों के नाम आए थे, लेकिन दरोगा ने साठगांठ कर सभी के नाम निकाल दिए और केवल भाई दीपक को ही जेल भेजा था। बताया कि 14 अप्रैल को न्यायालय में जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी। दीपक ने जमानत मिलने की उम्मीद जताते हुए 15 अप्रैल को उसे परिजनों को प्रतापगढ आने को कहा था, लेकिन जमानत मिलने से पहले ही उसकी न्यायिक अभिरक्षा में मौत हो गई। बताया कि वर्ष 2021 में जिस युवती से भाई की नजदीकी थी वह गांव आई थी लेकिन समझाकर उसके घर भेज दिया गया था।
थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजन दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे थे, उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया है, शव का परियर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें