फोटो-35-सिकंदरपुर सरोसी में आयोजित स्टेम रेसिंग कार्यक्रम मौजूद छात्र। स्रोत शिक्षक
उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहे छात्रों को अब किताबी ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक से दक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक वार स्टेम रेसिंग कार्यक्रम संचालित किया गया है। सिकंदरपुर सरोसी स्थित बीआरसी में बृहस्पतिवार को डीएम, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और बीएसए ने कार्यक्रम में शामिल होकर छात्रों का उत्साहवर्द्धन किया।
जिले में संचालित 2305 परिषदीय स्कूलों में कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों के लिए नए शिक्षा सत्र में किताबी ज्ञान के साथ नई तकनीकि और नवाचार पर आधारित स्टेम रेसिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को फॉर्मूला-एक के जरिए रेसिंग कारों के मॉडल निर्माण, रोबोटिक्स, प्रोजेक्ट डिजाइन एवं स्टार्टअप से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है।
इसके लिए विज्ञान एवं तकनीकी दक्ष शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है। बदलते डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्राफिक डिजाइनिंग, कम्प्यूटर एवं मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों से छात्रों को जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत चयनित उत्कृष्ट छात्रों के लिए नौ से 13 अप्रैल तक ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाएं प्रस्तावित की गई हैं। सिकंदरपुर सरोसी बीआरसी पर नगर क्षेत्र एवं सरोसी के छात्रों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत डीएम गौरांग राठी ने की। उन्होंने कहा कि यह अच्छा कार्यक्रम हैं, इसमें छात्रों को शुरुआत से ही आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट शौर्य अरोड़ा, बीएसए शैलेश कुमार पांडेय, बीईओ जगदीश श्रीवास्तव, स्टेट हेड यशराज, एसआरजी मसर्रत फातमा, डॉ. रचना सिंह, अखिलेशचंद्र शुक्ल, निखिल, अंकित, अमित द्विवेदी, अखिलेश कुमार यादव सहित अन्य लोग शामिल रहे।