उन्नाव। सदर कोतवाली के बंदूहार मोहल्ले में 76 वर्षीय शशिकला सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई है। छोटे बेटे ने बड़े भाई पर हत्या का आरोप लगाया है। बड़ा भाई पोस्टमार्टम से पहले ही वहां से भाग निकला।
वृद्धा को बृहस्पतिवार की देर शाम अधिवक्ता बेटे योगेंद्र जिला अस्पताल लाए थे। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। मां की मौत की खबर पर छोटे बेटे ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह परिवार संग अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मामले को संदिग्ध बताकर पोस्टमार्टम की मांग की थी। शुक्रवार को वीडियोग्राफी के बीच दो डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। इसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम से पहले ही बड़ा बेटा योगेंद्र वहां से भाग निकला। परिजनों ने शुक्लागंज घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया।
छोटे बेटे का आरोप-संपति नाम कराने के बाद कर दी हत्या
छोटे बेटे ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से सफीपुर कोतवाली के अटवा गांव निवासी हैं। दो सितंबर 2024 को पिता की मौत हो गई थी। इसके दो दिन बाद बंदूहार मोहल्ले में रहने वाले बड़े भाई योगेंद्र प्रताप सिंह मां शशिकला को साथ लेकर आ गए थे। इसके बाद उन्होंने न तो मां को गांव भेजा और न ही परिवार के किसी सदस्य को उनसे मिलने दिया। आरोप लगाया कि बड़े भाई ने मां के नाम जो भी प्लॉट, घर, गाड़ी और खेती थी, उसे अपने नाम करा ली। इसकी शिकायत कई बार शासन, प्रशासन से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। दबाव बनाने के लिए अब तक हम लोगों पर 16 फर्जी प्राथमिकी दर्ज करा चुके हैं। ज्ञानेंद्र ने भाई के साथ, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी पर मां की गला घोंटकर हत्या की तहरीर दी है। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि छोटे बेटे की तहरीर पर नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
फोटो-31- शशिकला (फाइल फोटो)