उन्नाव। किशोरी से दुष्कर्म की घटना में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या 12 के न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह यादव ने दोषी विजय को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
मौरावां थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने तीन मई 2018 को थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने पुरवा कोतवाली क्षेत्र के लालपुर अमरीखेड़ा गांव निवासी विजय पर नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने विजय के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद 11 मई को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, वहां से उसे जेल भेजा गया था।
पुलिस ने एक जून 2018 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मंगलवार को मुकदमें की अंतिम सुनवाई हुई। एडीजे 12 कोर्ट के न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह यादव ने दोनों पक्षों की दलीलों और सबूतों के आधार पर विजय का दोष साबित होने पर उसे 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।