बांगरमऊ। धन्नापुरवा सकरौली स्थित कंपोजिट स्कूल में कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों का निपुण मूल्यांकन पूरा हो गया। सभी बच्चों ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर निपुणता हासिल की। यह आंकलन डायट प्रवक्ता एवं निपुण सेल प्रभारी तथा एआरपी की देखरेख में किया गया। इस सफलता ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है, जो शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों की लगन का प्रमाण है।
निपुण आंकलन का महत्व और शिक्षकों की भूमिका निपुण सेल प्रभारी डॉ. उमाप्रसाद पटेल ने स्पष्ट किया कि निपुण आंकलन किसी परीक्षा का स्वरूप नहीं है, बल्कि यह बच्चों की वास्तविक सीखने की क्षमता को समझने का एक प्रभावी तरीका है। उन्होंने इस प्रक्रिया में शिक्षकों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। निरंतर मूल्यांकन और विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार मार्गदर्शन के माध्यम से ही उन्हें निपुणता के लक्ष्य तक पहुंचाया जा सकता है। इस आंकलन के तहत कक्षा एक के 14 और कक्षा दो के 18 छात्र निपुण पाए गए।
बाल-वाटिका में भी हुआ विशेष प्रयास डॉ. पटेल ने बाल-वाटिका में पढ़ रहे छोटे बच्चों के साथ भी समय बिताया। उन्होंने गिनती माला का उपयोग कर बच्चों को गिनती सिखाई और अंग्रेजी में विभिन्न रंगों की जानकारी दी। यह प्रयास छोटे बच्चों में सीखने की उत्सुकता जगाने और उन्हें प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया। एआरपी अनुज विश्वकर्मा ने बताया कि इस प्रकार के आंकलन से यह सुनिश्चित होता है कि विद्यार्थी अपेक्षित अधिगम स्तर को प्राप्त कर रहे हैं या नहीं। डीएलएड प्रशिक्षु आवेश वर्मा ने कक्षा एक व दो के बच्चों का निपुण आंकलन किया। इस अवसर पर शिक्षक शशांक चौहान, गीता यादव, सर्वेश वर्मा, देवेंद्र प्रताप सिंह, ठाकुर प्रसाद, कौशलेंद्र पाल, अभिषेक तिवारी, शिखा सिंह, रजिया खातून एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रोशनी यादव सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।