नवाबगंज। लखनऊ-कानपुर रेल लाइन पर गोकुलखेड़ा गांव के सामने रविवार की रात वृद्धा का क्षत-विक्षत शव मिला। साथ रहने वाले दामाद ने बड़े साढ़ू, सढ़ुवाइन और पारिवारिक चाचा पर जमीन के विवाद में हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
अजगैन कोतवाली के गोकुलखेड़ा गांव निवासी जनकदुलारी (68) पत्नी मैकू का क्षत-विक्षत शव गांव के बाहर रेलवे ट्रैक पर सोमवार की सुबह पड़ा देखकर गैंगमैन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांचकर मृतका के साथ रहने वाले दामाद प्रकाश और उनकी पत्नी शिवकुमारी को जानकारी दी। मां का शव देखकर दोनों बेहाल हो गए। प्रकाश ने पुलिस को बताया कि ससुर की 20 साल पहले मौत हो चुकी है। इस कारण वह पत्नी के साथ सास जनकदुलारी के घर में रहता है। प्रकाश का आरोप है कि जनकदुलारी की बड़ी बेटी राजकुमारी ने मां को धोखे में रखकर आधी की बजाय पूरी जमीन अपने नाम करा ली थी। इसका पता जनकदुलारी को नहीं था।
तीन दिन पहले सास अपनी जमीन पर बैंक से क्रेडिट कार्ड बनवाने गईं तो पता चला कि उनके नाम कोई जमीन ही नहीं है। पूरी जमीन बड़ी बेटी राजकुमारी के नाम है। तब से वह मानसिक तनाव में थीं। इस पर बड़ी बेटी ने सोमवार को कचहरी चलकर आधी जमीन मां जनकदुलारी के नाम कराने की बात कही थी लेकिन इससे पहले ही यह घटना हो गई। दामाद का आरोप है कि 15 दिन पहले उसकी बेटी को भी दो लोगों ने मुंह दबाकर मारने का प्रयास किया था लेकिन वह उन लोगों को पहचान नहीं पाई थी। कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।