फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: नगर पालिका ने कूड़ा उठाने के साधन किए पूरे, संसाधन अधूरे

विज्ञापन
फोटो-24-नगर पालिका के जलकल कार्यालय परिसर में खड़े खरीदे गए नए वाहन। संवाद
विज्ञापन
उन्नाव। शहर की स्वच्छता व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए नगर पालिका ने 2.24 करोड़ के वाहन और खरीदे हैं। कूड़ा ढुलाई के साधन तो पूरे हो गए लेकिन कूड़े के सुरक्षित निस्तारण के संसाधन अभी भी अधूरे हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका ने कूड़ा उठाने और ढुलाई वाहनों की कमी को पूरा करने के लिए प्रत्येक वार्ड में दो-दो लोडर चलाने का निर्णय लिया है। इनमें सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग एकत्र करने की व्यवस्था है। इसके लिए 70 लाख से सात और सीएनजी चलित लोडर, एक जेसीबी, पोकलैंड मशीन और छोटी क्रेन पर एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं। साथ ही पांच नए ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीदने पर 35 लाख रुपये खर्च किए हैं।
खरीदे गए वाहनों को मकर संक्रांति 14 जनवरी से संचालन शुरू करने की तैयारी है। मालूम हो कि संसाधनों के अभाव में नगर पालिका के सफाई कर्मी शहर से निकलने वाले कूड़े को गली-मोहल्लों में खाली स्थानों और हाईवे किनारे डंप रहे हैं। यही हाल शहर से निकलने वाले सीवरेज का है।
विज्ञापन


फोटो-25-मशीनें न लगने से अनुपयोगी, हुसैन नगर गांव के पास चार साल पहले बने कूड़ा निस्तारण केंद्र। संवाद

शहर से निकलता हर रोज 45 टन कूड़ा, सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था नहीं
शहर से रोज औसतन 45 टन कूड़ा निकलता है लेकिन सुरक्षित निस्तारण न होने से पालिका कर्मचारी गली-मोहल्लों में खाली स्थानों और प्लॉटों के अलावा लखनऊ-कानपुर हाईवे, उन्नाव-हदोई रोड सहित अन्य मार्गों के किनारे डंप करते हैं। पर्दा डालने के लिए अक्सर आग लगा देते हैं। यह हाल तब है जब चार साल पहले शहर से आठ किलोमीटर दूर हुसैन नगर गांव के पास छह एकड़ जमीन पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 6 करोड़ 72 लाख 57 हजार रुपये लागत और 65 टन प्रति दिन (टीपीडी) क्षमता वाले कूड़ा निस्तारण केंद्र को मंजूरी दी। लेकिन अभी तक केवल बिल्डिंग बन पाई है। यहां गीला और सूखा कूड़ा की छंटाई, गीले कूड़े से खाद बनाने वाली और प्लॉस्टिक व पॉलिथीन की रिसाइकिलिंग करने वाली सहित अन्य मशीनें नहीं लग पाई हैं।

फोटो नंबर-26- संचालन न होने से उपयोगी साबित नहीं हो रहा एफएसटीपी। आर्काइव
काम नहीं आ रहा 4.50 करोड़ का एफएसटीपी
शहर के मकानों से निकलने वाले सीवरेज (अपशिष्ट) के सुरक्षित निस्तारण और लोगों को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए पांच साल पहले जल निगम ने अमृत योजना के तहत 4.50 करोड़ से फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) बनाया था। कर्मचारियों की कमी के चलते नगर पालिका ने बनने के करीब डेढ़ साल बाद जल निगम से हैंडओवर लिया लेकिन सौर ऊर्जा आधारित इस प्लांट की बैटरियां और पैनल खराब हो गए। बाद में यहां बिजली कनेक्शन कराया गया लेकिन पालिका और प्राइवेट सीवर टैंकों की सफाई करने वाले टैंकर चालक शहर से दूर होने के कारण सीवरेज को इधर-उधर खुले स्थानों पर फेंका जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि प्लांट को चलाने के लिए रोज कम से कम एक हजार किलोलीटर स्लज की जरूरत है लेकिन यहां कम टैंकर आने से संचालन नहीं हो पा रहा है। प्लांट में सीवरेज ट्रीटमेंट से निकलने वाले सॉलिड वेस्ट से खाद बनाने, लिक्विड वेस्ट से फसलों की सिंचाई में उपयोग करने की योजना थी।


खरीदी गई थीं 30 ई-ठेलिया
नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जनवरी में 1.80 लाख प्रति ई-कूड़ा गाड़ी की दर से 30 ई-ठेलिया खरीदी थीं। इन ठेलियों के माध्यम से सफाई कर्मी विभिन्न वार्डों के सकंरे रास्तों और गली-मोहल्लों से भी कूड़ा की ढुलाई कर निकाल कर शिव नगर में बने एमआरएफ सेंटर पहुंचाया जाता है। ई-ठेलिया चार्ज करने के लिए 25 लाख से चार्जिंग स्टेशन बनाया गया। वहीं वाहनों की मॉनीटरिंग के लिए 100 वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम भी लगाए गए।

वर्जन....
शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। कूड़ा निस्तारण केंद्र में उपकरण लगाने पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर विकास विभाग के माध्यम से उपकरण लगाए जाने हैं। वहीं एफएसटीपी के संचालन के लिए जरूरी काम कराने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। जल्द ही इसमें भी जरूरी सुधार कराया जाएगा। -श्वेता मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष।

शहर के मुख्य मार्गों और सभी 32 वार्डों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए हर वार्ड में एक-एक लोडर और एक-एक ई-ठेलिया लगाई है। शहर के मुख्य मार्गों पर सुबह और रात दोनों समय झाड़ू लगवाई जा रही है और तुरंत ही कूड़ा भी उठवाया जा रहा है। फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव भी हो रहा है। जो भी कमियां हैं उन्हे दूर कराया जा रहा है। स्वच्छता और जलनिकासी की समस्या का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता में है।-एसके गौतम, ईओ नगर पालिका।

फोटो-24-नगर पालिका के जलकल कार्यालय परिसर में खड़े खरीदे गए नए वाहन। संवाद

फोटो-24-नगर पालिका के जलकल कार्यालय परिसर में खड़े खरीदे गए नए वाहन। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें