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Unnao News: मुख्य लाइन से जुड़े वॉल्व पाइप में जंग लगने से हुआ गैस का रिसाव

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फोटो-29- सब स्टेशन के गेट के पास खड़े कर्मचारी। संवाद
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अचलगंज। कस्बे के पास स्थित गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के सब स्टेशन में बुधवार को फटी नेचुरल गैस पाइप लाइन आठ घंटे बाद ठीक कर दी गई। तकनीकी अधिकारियों के अनुसार मेन पाइप लाइन में जुड़े आधा इंच व्यास के वॉल्व पाइप में जंग लगने से गैस के दबाव से फट गया था। रिसाव बंद होने के बाद इंजीनियरों और आसपास की बस्ती में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली। एहतियात के तौर पर इंजीनियर बृहस्पतिवार को भी पाइप लाइन की जांच करते रहे।
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गेल इंडिया के इंजीनियर निखिल मिश्र ने बताया कि औरैया वाली 18 इंच की मेन लाइन में आधा इंच का वॉल्व पाइप जुड़ा था। यह ट्यूबिग पाइप 12 साल से उपयोग में नहीं था। मिट्टी में होने से ज्वाइंट में जंग लगने से हल्का रिसाव शुरू हुआ तो टूटकर अलग हो गया। इस ट्यूब के जरिए कम्युनिकेशन वाले टावरों को गैस सप्लाई दी जाती थी। औरैया वाली 18 इंच की मुख्य पाइप लाइन से आपूर्ति होने वाली नेचुरल गैस का दबाव करीब 70 किलो रहता है। आधा इंच के पाइप से गैस रिसाव होने से तेज आवाज आ रही थी। बताया कि नेचुरल गैस के रिसाव से एलपीजी की तरह खतरा नहीं है।

1750 किमी लंबी है गैस पाइप लाइन
गैस लाइन परियोजना गुजरात के हजीरा से प्रयागराज के फूलपुर तक 1750 किलोमीटर लंबी है। इसके जरिए फर्टिलाइजर के लिए जरूरी गैस उपलब्ध कराई जाती थी। योजना का विस्तार हुआ और अन्य शाखाएं भी जोड़ी गईं। इसमें आपूर्ति होने वाली नेचुरल गैस को एलपीजी, सीएनजी आदि प्लांटों को भेजा जाता है, जहां से उसमें सी टू और सी थ्री गैस को अलग कर कुछ अन्य रसायन मिलाकर लिक्विड बेस में तैयार कर उपयोग में लाया जाता है।
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पहले सुनसान था स्थान, बढ़ती गई बस्ती
उन्नाव-रायबरेली मार्ग पर अचलगंज से दो किलोमीटर पहले लोहचा में जब सब स्टेशन बना था तब वह स्थान खाली था। आसपास कोई बस्ती नहीं थी लेकिन धीरे-धीरे आसपास लोगों ने जमीन खरीदकर घर, गेस्ट हाउस, नर्सिंगहोम और बाजार बनवा लिए। सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो स्टेशन में कुछ अग्निरोधक यंत्र ही रखे हैं जो कि इतने बड़े प्लांट के लिए नाकाफी हैं। किसी अनहोनी पर उन्नाव से ही दमकल या अन्य सहायता बुलाई जाती है।


फोटो-30-दिनेश यादव। संवाद
काफी देर तक हुए रिसाव था डर का माहौल
गेल के सब स्टेशन के ठीक सामने रहने वाले दिनेश यादव ने बताया कि सामान्य तौर पर कभी-कभार कर्मचारी पाइप से थोड़ी देर के लिए गैस छोड़ते हैं जो मात्र 10 या 15 मिनट बाद सामान्य हो जाता है लेकिन इस बार काफी देर तक हो रहे रिसाव से डर का माहौल बन गया। अप्रिय घटना न होने से राहत की सांस ली।


फोटो-31- महेश कुमार। संवाद
रिसाव की आवाज तेज होने डर गए थे लोग
सब स्टेशन के सामने ऑटो गैराज संचालक महेश कुमार ने बताया कि आवाज तेज होने से थोड़ा सा डर लगा था लेकिन बाद में सब सामान्य हो गया था, कोई हादसा नहीं हुआ।

फोटो-29- सब स्टेशन के गेट के पास खड़े कर्मचारी। संवाद

फोटो-29- सब स्टेशन के गेट के पास खड़े कर्मचारी। संवाद

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