सफीपुर। अरेरपुर कला गांव में करीब नौ दिन पहले हुई किसान की हत्या की घटना में नामजद सभी आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस ने हत्यारोपियों व उनके परिवार के लोगों के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। घटना में प्रयोग शस्त्र व छह अन्य लाइसेंस को निरस्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी है।
आसीवन थानाक्षेत्र के गांव मदारपुर कैलई गांव निवासी शुभम सिंह का 13 नवंबर को नौगवां गांव निवासी राधेश्याम यादव के साथ रास्ते में खड़ी गाड़ी हटाने को लेकर विवाद हुआ था और उसी रात दोनों पक्षों के बीच कई राउंड फायरिंग की गई थी। फायरिंग में आजाद सिंह को दो गोलियां लगने से वह गंभीर घायल हो गया था। ट्राॅमा सेंटर लखनऊ में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक के बेटे शुभम सिंह की तहरीर पर सात आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने सभी को असलहे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज था।
अब पुलिस ने हत्यारोपी के परिवार की मुन्नी देवी के नाम राइफल और रिवाल्वर, राजेश्वरी के नाम बंदूक, राधेश्याम यादव के नाम राइफल, रामरहीस के नाम राइफल, शेरसिंह यादव उर्फ राजेश के नाम राइफल और पृथ्वीपाल के नाम बंदूक का लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
थानाध्यक्ष अखिलेशचंद्र पांडेय ने बताया कि हत्या के आरोपी राधेश्याम यादव, अंकित उर्फ धुन्नू, राम रहीस, शिवम, राजेश यादव, मंझन उर्फ कुलवंत यादव, अभिषेक यादव निवासी नौगवां को लाइसेंसी असलहों के साथ पकड़ा गया था। सभी को जेल भेजा जा चुका है। छह लोगो के नाम सात शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।