गंजमुरादाबाद। कल्याणी नदी में बढ़े पानी से करीब एक माह से बाढ़ का दंश झेल रहे देवरिया गांव के 20 परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर गए हैं। बाढ़ से मक्का व धान की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों के सामने परिवार का भरण-पोषण करने की समस्या आ गई है। वहीं प्रशासन पानी सूखने का इंतजार कर रहा है।
बांगरमऊ तहसील के विकासखंड क्षेत्र से निकली कल्याणी, गंगा नदी में दूसरी बार आई प्रलयंकारी बाढ़ से पुनः उफना गई थी। इससे बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, कुशराजपुर, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, लोनारी, भिलोई, देवरिया, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा, तकिया, चिंगरपुरवा, लहरापुर, छोट्टापुरवा, चोरहा, बिरैचामऊ, ककरियापुरवा, फतेहपुर हामजा, फतेहपुर खालसा आदि सहित कुल 22 गांव बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर गए थे। घरों में दो से तीन फिट पानी भर गया था। इस बाढ़ से सबसे अधिक देवरिया गांव प्रभावित हुआ है। जहां यह गांव अभी भी टापू बना हुआ है। कई मकान अभी भी पानी से डूबे हुए हैं। धान की फसल बर्बाद हो जाने से खाने और आर्थिक तंगी के चलते करीब 20 परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक, करीब सौ बीघा मक्का और चार सौ बीघा में पकी खड़ी धान की फसल जलमग्न होकर सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
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सात गांवों से सिमटने लगा पानी, फिर भी राहत नहीं
बाढ़ का पानी बेहटाकच्छ, शिवलाल पुरवा, कुशराजपुर, लोनारी, भिलोई, बाजीपुरवा और इच्छापुरवा से सिमटने लगा है। हालांकि जलभराव अभी भी बना हुआ है। गांवों के रास्तों में अभी भी पानी भरा हुआ है। आवागमन बाधित होने से बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां अभी भी कम नहीं हुई हैं।
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पुलिस ने खुलवाया जाल
गंजमुरादाबाद। बाढ़ प्रभावित गांव फतेहपुर खालसा की बस्ती के बाहर बनी दो पुलियों में कुछ लोगों ने मछली पकड़ने के लिए जाल बांध रखे थे। जिससे इन पुलियों से बाढ़ का पानी वापस नहीं लौट रहा था। इससे धान के खेतों में पानी भरा हुआ था। किसानों की शिकायत पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मछली पकड़ रहे लोगों को चेतावनी देकरजाल खुलवाया, जिससे पानी वापस लौटने लगा।
वर्जन...
प्रभावित गांवों में बाढ़ का पानी अब कम होने लगा है। इससे अब जल्द सर्वे शुरू होने की उम्मीद है। जल्द ही टीमों को लगाकर फसलों के नुकसान को लेकर सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद किसानों को जल्द फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। -अखिलेश कुमार मौर्य, तहसीलदार बांगरमऊ।
छोट्टापुरवा में बाढ़ के भरे पानी से गुजरते गांव के लोग। संवाद- फोटो : ArchivE