उन्नाव। तीन दिनों से जनपद को मांग के सापेक्ष करीब 100 मेगावाट कम बिजली मिल रही है। इसके पीछे एक तरफ कोयला गीला और दूसरी ओर पांच विद्युत उत्पादन इकाइयां बंद होने का हवाला दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार घंटे की आपात कटौती हो रही है। ऐसे में उमस भरी गर्मी में रात के समय में हो रही बिजली कटौती लोगों में आक्रोश बढ़ा रही है।
दिन में तेज धूप और रात में उमस भरी गर्मी के चलते एसी, कूलर और पंखे का प्रयोग बढ़ने से बिजली की मांग में उछाल आ गया है। विद्युत ट्रांसमिशन के सूत्रों के मुताबिक जनपद की रोजाना की बिजली की मांग करीब 700 मेगावाट है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश की कई विद्युत इकाइयों के बंद होने से उत्पादन में कमी आई है। इसके पीछे का कारण कोयला गीला होना बताया जा रहा है।
उत्पादन घटने से जिले की आपूर्ति भी घटी है। इसी कारण रोजाना करीब 100 मेगावाट बिजली कम मिल रही है। बिजली निगम शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तो किसी तरह से सामान्य कर रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में आपात कटौती कर रहा है। गांवों में वैसे भी 18 घंटे का ही रोस्टर है। इसके बाद तीन से चार घंटे की बिजली कटौती होने से गांवों को मात्र 14 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कई क्षेत्रों में तो आपात रोस्टिंग के अलावा लोकल फॉल्टों से तीन से चार घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है।
इंसेट-1
ओवरलोड होकर फुंके 50 ट्रांसफार्मर
पिछले एक सप्ताह से रोजाना बिजली की मांग बढ़ रही थी। बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर और तार भी ओवरहीट होने लगे हैं। इंजीनियरों के मुताबिक, हर फीडर पर लोड बढ़ने लगा है। गर्मी में ट्रांसफार्मर के भीतर का कंसंट्रेटर अधिक फुंकता है जिससे ट्रांसफार्मर के बंद और आपूर्ति ठप होने की संभावना अधिक रहती है। ओवरहीट होते ही कंसंट्रेटर सबसे पहले खराब होते हैं जिससे ट्रांसफार्मर भी फुंक जाता है। इसी कारण पिछले एक सप्ताह में फुंके 50 ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए वर्कशॉप में भेजे हैं।
केस-1
अजगैन उपकेंद्र से जुड़े 50 गांवों में रात भर बिजली गुल
अजगैन उपकेंद्र के रायपुर गढ़ी फीडर से जुड़े करीब 50 गांवों में दिलवल, नानाटीकुर, पिपरोसा, पकरिगंवा, सिंधुरिया, संभरखेड़ा आदि में सोमवार रात बिजली संकट रहा। रात 11 बजे गई बिजली 12 बजे आई। फिर करीब एक बजे गुल हुई तो दो बजे के करीब आई। इसके बाद भी ट्रिपिंग होने से आवाजाही लगी रही। उधर, गंजमुरादाबाद में भी सोमवार रात करीब पांच घंटे की कटौती हुई। इससे लोग बेहाल हो गए।
केस-2
18 घंटे में मिल रही मात्र नौ घंटे बिजली
हसनगंज। विद्युत उपकेंद्र से जुड़े हसनापुर, नवई, न्योतनी, नई सराय, संदाना, धौरा और मौलाबांकीपुर फीडर के उपभोक्ताओं को निर्धारित 18 घंटे के सापेक्ष महज नौ घंटे ही बिजली मिल रही है। सुंदरपुर के अजय मिश्रा, फिरोजपुर निवासी अमित शुक्ला, शिवम सिंह, रमेश मिश्रा, उमर खान, रामपाल, नन्हे लाल, विनोद चौरसिया, पप्पू सिंह, अजय लोधी आदि ने बताया कि दिन हो या रात, दो-दो घंटे के अंतराल में कई बार बिजली ट्रिपिंग होने से परेशानी हो रही है। जेई, एसडीओ फोन नहीं उठाते हैं।
केस-3
औरास क्षेत्र में 24 घंटे में मिल रही मात्र छह घंटे बिजली
औरास। ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बेपटरी है। रविवार से सोमवार के बीच 24 घंटे में मात्र छह घंटे ही बिजली आपूर्ति हुई। शाम के छह बजते ही हर एक घंटे बाद रोस्टिंग का मैसेज ग्रुपों पर डाल दिया जाता है। पूरी रात बिजली रोस्टिंग के नाम पर आपूर्ति बाधित रहती है। बिजली निगम के जिम्मेदारों व पावर हाउस तक का सीयूजी नंबर बंद हो जाता है। ग्रामीण हाथों के सहारे बने पंखों का सहारा लेकर रात गुजारते हैं।
वर्जन...
प्रदेशस्तर पर संचालित पांच उत्पादन इकाइयों के बंद होने से आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कोयला गीला होना मुख्य कारण है। ग्रामीण क्षेत्रों में आपात रोस्टिंग की जा रही है। दो-तीन दिन में स्थितियां सामान्य होने की उम्मीद है। -हिमांशु गौतम, एक्सईएन।