बीघापुर। बारिश के चलते गांव बरदहा में रविवार रात 11 बजे कच्ची कोठरी गिर गई। मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई और पति घायल हो गए। सामने कमरे में लेटे बेटे और दो बेटियां बाल-बाल बच गईं।
बरदहा निवासी जयप्रकाश रविवार को खाना खाने के बाद पत्नी केशकली (42) के साथ कच्ची कोठरी में सोने चले गए थे। बेटा अखिलेश (15) और दो बेटियां सुमन (12) व सोनी (10) सामने के कमरे में लेटे थे। रात करीब 11 बजे तेज आवाज के साथ कोठरी की दीवार भरभराकर गिर पड़ी और मलबे में दंपती दब गए। पड़ोसियों ने किसी तरह मिट्टी हटाकर दोनों को निकाला। केशकली की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पति जय प्रकाश गंभीर घायल हो गए।
परिजनों ने सौ शैय्या अस्पताल पहुंचाया, जहां से जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। छप्पर के नीचे बंधी पड़िया की भी दबकर मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर एसडीएम आनंद नायक, नायब तहसीलदार विजय रंजन श्रीवास्तव व लेखपाल अनुराग श्रीवास्तव पहुंचे। थानाध्यक्ष धर्मेंद्रनाथ मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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फाइल दौड़ती रही, आश्वासन मिले पर पक्का घर नहीं
सिस्टम की बेरुखी के चलते महिला की मौत हो गई। महिला को न प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ मिल सका और न ही मुख्यमंत्री आवास योजना का। फाइल दौड़ती रही और आश्वासन ही मिलते रहे। इसके पूर्व गांव छुलिहा में 27 अगस्त को कच्ची दीवार गिरने से बाबा रघुवीर व पौत्र वीरेंद्र पासवान की मौत हो चुकी है।
मायके में ही पति और बच्चों के साथ रहने वाली केशकली के पिता गया प्रसाद ने बताया कि लगातार आवास के लिए बेटी दौड़ लगा रही थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास योजना दिलाए जाने की बात कही है। पंचायत सचिव योगेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की 40 लोगों की भेजी गई पात्रता सूची में केशकली का नाम था। मुख्यालय से जो सूची आई उसमें केशकली का नाम नहीं था। नायब तहसीलदार विजय रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि दैवी आपदा राहत कोष से चार लाख की सहायता राशि दिलाई जाएगी। अन्य नुकसान का भी मुआवजा दिलाया जाएगा।