उन्नाव। बाहर से आकर दूसरे जिलों को जाने वाले भारी वाहनों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अलग-अलग दो जगहों पर कार्य होने के कारण भारी वाहनों का रूट डायवर्जन किया जा रहा है। एक तरफ हरदोई रोड पर पुलिया निर्माणाधीन है तो दूसरी ओर सीसी रोड का निर्माण होना है। इसके चलते भारी वाहनों को डायवर्जन के बाद 40 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
केस-1
25 दिन से बंद है हरदोई-उन्नाव हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन
हरदोई-उन्नाव राज्यमार्ग पर दोस्तीनगर में शारदा नहर पर 12 मीटर चौड़ी और 25 मीटर लंबी नई पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने पाइप डालकर वैकल्पिक रास्ता बनाया था लेकिन नहर में पानी आने से निर्माणाधीन पुलिया के पास बनाया गया वैकल्पिक रास्ता पानी ओवरफ्लो ओने से बह गया। इससे वाहनों का आवागमन रोकना पड़ा था। वाहनों को चकलवंशी चौराहे से डायवर्ट किया गया था। तभी से हरदोई-उन्नाव मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन बंद है। इन्हें चकलवंशी चौराहे से परियर होते हुए करोवन मोड़ निकाला जा रहा है। इसकी दूसरी करीब 20 किलोमीटर है। अब करोवन जाने वाले रास्ते को भी भारी वाहनों के लिए बंद किया जा रहा है।
केस-2
करोवन में सीसी रोड निर्माण के लिए रोके जाएंगे वाहन
चकलवंशी। पीडब्ल्यूडी परियर-सरोसी मार्ग पर पड़ने वाले करोवन में 4.71 करोड़ से 2.1 किलोमीटर सीसी रोड का निर्माण कराने जा रहा है। भारी वाहनों के आवागमन से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। अब लोक निर्माण विभाग भारी वाहनों को दूसरे मार्ग से निकालने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए दो स्थानों पर हाईटगेज लगाने जा रहा है। इससे भारी वाहनों को सहजनी से डायवर्ट किया जाएगा।
वाहन चकलवंशी से वाया परियर रोड होते हुए गंगा बांध से हाजीपुर से रौतापुर, फत्तेपुर, शंकरपुर सराय से सहजनी निकलेंगे या शंकरपुर के ट्रांसगंगा सिटी से गंगा बैराज मार्ग से लखनऊ-कानपुर मार्ग निकाले जाएंगे। इससे करीब 40 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। रोडवेज की बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब अधिक समय लगेगा। कानपुर से आने वाले वाहन इसी रास्ते और लखनऊ से आने वाले वाहन अजगैन से वाया मियागंज, रसूलाबाद होते हुए चकलवंशी पहुंचेंगे।
वर्जन...
भारी वाहनों के आवागमन से सीसी रोड का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। ऐसे में वाहनों को रोकना जरूरी है। इसके लिए दो स्थानों पर हाईटगेज लगाया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि जल्द रोड निर्माण का काम पूरा हो जाए। -हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड।