पुरवा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में फर्जी समूहों का गठन करके 11 लाख रुपये के सरकारी धन का बंदरबांट किया गया। पुरवा बीडीओ ने विकासखंड में तैनात ब्लाक मिशन प्रबंधक (बीएमएम) को आरोपी बताते हुए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। कोतवाल का कहना है कि तहरीर की जांच की जा रही है।
जनसुनवाई पोर्टल पर फर्जी समूह गठित करके सरकारी धन हड़पने की आई शिकायत पर डीएम ने जांच टीम गठित की थी। टीम में उपायुक्त स्वत: रोजगार भानु प्रताप सिंह, जिला मिशन प्रबंधक प्रदीप कुमार, अशोक कुमार व रजीउल हसन ने गांवों में विकासखंड आकर जांच की थी। बैंक स्टेटमेंट, अन्य अभिलेखों के साथ स्थलीय सत्यापन में जानकारी हुई थी कि ब्लाॅक में तैनात बीएमएम ने कूटरचित कागजों के आधार पर फर्जी समूहों का खाता खुलवाकर पहले शासन से जारी बजट उसमें ट्रांसफर कराया। फिर अलग-अलग तिथियों में 2.20 लाख, 1.10 लाख, डेढ़ लाख सहित करीब 11 लाख निकाल लिए और पूरी सरकारी बजट हड़प लिया।
जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम व सीडीओ को भेजी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकारी धन का गबन करने वाले कर्मी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद पुरवा बीडीओ डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने पुरवा कोतवाली में बीएमएम को आरोपी बताते हुए तहरीर दी। कोतवाल भवन सिंह मौर्य ने बताया कि तहरीर मिली है। बड़ा वित्तीय मामला है। इसलिए अभी प्राथमिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।