उन्नाव। किसानों के सामने सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने में तमाम दुश्वारियां हैं। एक तरफ फार्मर रजिस्ट्री न होने से किसान गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं वहीं जिनकी फार्मर रजिस्ट्री हो गई है उनके गेहूं की खरीद बोरों की कमी से नहीं हो रही है। यही कारण है जिले में 30 मार्च को क्रय केंद्र खुलने के बाद 15 दिन में मात्र 450 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा जा सका है।
क्रय केंद्रों पर बारदाने का अभाव गेहूं बेचने आए किसानों पर भारी पड़ रहा है। पुरवा विकासखंड के पांच में से चार केंद्रों पर बोरे नहीं हैं। इससे वहां खरीद शून्य है। मौरावां और असोहा के गोसाईंखेड़ा, करदहा, खजुहाखेड़ा, खेरवा और अकोहरी केंद्रों पर भी बोरों के अभाव में बोहनी तक नहीं हुई है। हिलौली एडीओ सहकारिता नितेश कुमार सोनकर ने बताया कि केंद्रों पर जल्द ही बोरे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद खरीद शुरू की जाएगी।
बोरे न होने से मायूस लौट रहे किसान
बीघापुर/बांगरमऊ। विकासखंड क्षेत्र के घाटमपुर कला, मगरायर व बीरपुर में गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं लेकिन बोरे न होने से अभी तक खरीद चालू नहीं हो सकी है। इसके अलावा बांगरमऊ नवीन मंडी परिसर में संचालित पीसीएफ बी पैक्स मारूफपुर जसरा गेहूं क्रय केंद्र पर बोरियां उपलब्ध न होने के कारण सन्नाटा पसरा है। किसान आते हैं लेकिन बोरे न होने की जानकारी पर वापस लौट जाते हैं। (संवाद)
कुल खुले केंद्र-87, विपणन शाखा के 15, पीसीएफ के 70 व एफसीआई के 2
गेहूं का सरकारी खरीद मूल्य-2585 रुपये प्रति क्विंटल
अब तक किसानों का पंजीकरण-चार हजार
केंद्र खुले-30 मार्च, 13 अप्रैल तक खरीद 450 एमटी
वर्जन...
बोरों की समस्या दूर कर ली गई है। कोटेदारों से बोरों की 100 गांठें मिल गई हैं जिन्हें केंद्रों को आवंटित किया जा रहा है। खरीद तेजी न पकड़ने की वजह फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता है। अब जिन किसानों ने पंजीकरण करा भी रखा है, उनको फार्मर रजिस्ट्री करानी होगी। इसके बाद ही खरीद हो पाएगी। -संतोष कुमार यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
फोटो-35-बांगरमऊ नवीन मंडी परिसर में संचालित केंद्र पर बोरे न होने से बंद खरीद। संवाद- फोटो : संवाद