उन्नाव। इस बार शहर की बड़ी ईदगाह में ईद-उल-फितर की नमाज दो बार में अदा की जाएगी। यह व्यवस्था लोगों की सहूलियत के लिए की गई है। ईद की तारीख चांद रात के बाद तय होगी।
शहर काजी मौलाना निसार अहमद ने ईद को शांति और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की है। बताया कि चांद दिखने के आधार पर 20 या 21 मार्च को नमाज अदा होने की उम्मीद है। पहली नमाज सुबह 7:30 बजे वह खुद अदा कराएंगे। दूसरी नमाज सुबह 8:15 बजे मौलाना मोहम्मद वसीम अत्तारी कराएंगे। नमाजियों से निर्धारित समय से पहले ईदगाह पहुंचने की अपील की है।
स्पष्ट किया कि नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों के अंदर ही होगी। सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शहर काजी ने लोगों से व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने को कहा।
शहर काजी ने ईद को प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द का त्योहार बताया है। उन्होंने लोगों से सादगी और सम्मान के साथ त्योहार मनाने की अपील की। किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या अशांति से दूर रहने को कहा गया है। ईद का असली संदेश मोहब्बत और इंसानियत है।
29वें रोजे को चांद देखना हर मुसलमान की जिम्मेदारी
बांगरमऊ। शहर काजी सैयद जियाउल आरफीन ने कहा कि 29वें रोजे को चांद देखना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। चांद दिखने पर तुरंत शरई गवाहों के साथ पुष्टि की जाए। इससे ईद की नमाज और त्योहार के समय का सही एलान हो सकेगा। उन्होंने गरीबों और यतीमों को ईद की खुशियों में शामिल करने का आग्रह किया। नमाज-ए-ईद से पहले सदका-ए-फित्र (दान) जरूर करने को कहा है।