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Unnao News: मार्च में घना कोहरा, वाहनों की रफ्तार थमी, आश्चर्य में पड़े लोग

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फोटो-10-लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी से हेड लाइट जलाकर धीमी गति से गुजरते वाहन। संवाद
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उन्नाव/गंजमुरादाबाद। रात में आसमान साफ और तड़के घना कोहरा देखकर लोग आश्चर्य में पड़ गए। कोहरे से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। चालकों को वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे सहित कानपुर-लखनऊ हाईवे करीब पांच घंटे तक कोहरे की चपेट में रहा। मौसम वैज्ञानिक ने पांच साल के कार्यकाल में मार्च में ऐसा न होने की बात कही। इसके पीछे का कारण दोपहर में 34 डिग्री और रात में 18 डिग्री सेल्सियस तापमान होने से हवा में नमी बढ़ना बताया।
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मंगलवार की सुबह चार बजे से अचानक कोहरा छाने लगा। सुबह छह बजे तक कोहरे ने विकराल रूप धारण कर लिया। सुबह नौ बजे तक घने कोहरे के कारण आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 30 मीटर की दूरी पर कुछ भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। करीब पांच घंटे तक एक्सप्रेसवे पूरी तरह कोहरे की गिरफ्त में रहा। वाहनों की रफ्तार पर सुबह ब्रेक लग गया। वाहन हेड लाइट जलाकर धीमी गति से वाहन रेंगते नजर आए। कोहरा छंटने के बाद राहगीरों, यूपीडा और पीआरवी पुलिस ने राहत की सांस ली।
एक्सप्रेसवे की देवखरी पुलिस चौकी प्रभारी तफूज अहमद ने बताया कि तड़के चार बजे से शुरू हुआ घना कोहरा सुबह नौ बजे तक जारी रहा। यूपीडा और पीआरवी पुलिस के अलावा पुलिस चौकी का स्टाफ भी मुस्तैदी से गश्त करता रहा।
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इंसेट-1
दिन में तेज धूप से धरती हो जाती है गर्म, हवा में बढ़ जाती है नमी
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि मार्च में दिन का तापमान 34 डिग्री पहुंचने के बाद भी कोहरा आश्चर्यचकित करने वाला है। पांच साल के कार्यकाल में ऐसा नहीं देखा। इसका कारण दिन और रात का बदलता मौसम है। बताया कि दिन में तापमान 34 डिग्री के आसपास रह रहा है जबकि रात में 18 डिग्री आ जा रहा है। कोहरा बनने में तापमान में बदलाव की बड़ी भूमिका होती है। तापमान में इस तरह का उतार-चढ़ाव होने से वातावरण में जो अस्थिरता पैदा होती है, वह सुबह घना कोहरा या धुंध का कारण बनती है। बताया कि मार्च में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नमी लेकर आते हैं। नमी रात की ठंडी हवा के संपर्क में आती है तो घने कोहरे में बदल जाती है। हवा की गति बहुत कम या शांत होती है तो कोहरा बिखर नहीं पाता और सतह के करीब जमा रहता है। हवा में मौजूद धूल और धुएं के कण ‘कंडेनसेशन न्यूक्लिआई’ का काम करते हैं, जिन पर नमी आसानी से जम जाती है और कोहरा घना दिखने लगता है। फिलहाल आगे मौसम साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी।

फोटो-10-लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी से हेड लाइट जलाकर धीमी गति से गुजरते वाहन। संवाद

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