फोटो-21-उप निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा। संवाद
हसनगंज। शासन से रजिस्ट्री में आधार और ओटीपी अनिवार्य कर दी गई है। जिन लोगों के आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं हैं, उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इससे शासन को रोजाना 10 लाख से अधिक के राजस्व नुकसान हो रहा है। रजिस्ट्री की संख्या में भी कमी आ गई है।
आधार अनिवार्य न होने तक हसनगंज उपनिबंधन कार्यालय में प्रतिदिन करीब 45 बैनामे हो जाते थे। जबसे ओटीपी अनिवार्य की गई है तबसे यह संख्या 28 के आसपास आ गई है। क्रेता-विक्रेता के आधार में मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण रजिस्ट्री में समस्या आ रही है। पारा सैफपुर निवासी माया सिंह पत्नी राजबहादुर और सुभानखेड़ा के प्रकाश ने बताया कि आधारकार्ड में मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई। अब पहले आधार में मोबाइल नंबर लिंक कराना होगा, उसके बाद ही रजिस्ट्री होगी। इससे उनको वापस लौटना पड़ रहा है। कमोबेश यही हाल अन्य लोगों का है।
उप निबंधन कार्यालय प्रभारी अविनाश पांडेय ने बताया कि प्रतिदिन औसतन 45 रजिस्ट्रियां होती थीं। दो फरवरी से नया नियम लागू किया गया है। नियम के अनुसार जमीन खरीदने या बेचने वाले व्यक्ति का आधार, मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए। बिना मोबाइल लिंक आधार के रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। इससे प्रतिदिन करीब 10 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।