चकलवंशी। स्पेलर (सरसों की पेराई मशीन) में हाथ फंसने से श्रमिक की मौत की घटना में पत्नी ने पांच लाख रुपये मुआवजा, दस बिस्वा जमीन और बच्चों की पढ़ाई का खर्च न मिलने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। उधर, पुलिस तहरीर न मिलने की बात कह रही है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है।
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सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के नरहरपुर निवासी रामनारायण (35) माखी थानाक्षेत्र के पावा चौराहे पर कारखाने में काम करते थे। शुक्रवार को स्पेलर में फंसा हाथ कटकर अलग हो गया था। अस्पताल में डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। शव गांव पहुंचा तो पत्नी अर्चना और परिजन बेहाल हो गए। पत्नी अर्चना ने बताया कि चार बच्चे दीपांशी (9), दिव्यानी (8), प्रिंसू (7) और सूर्यांश (5) हैं।अब कमाने वाला कोई नहीं है। सास और ससुर की भी मौत हो चुकी है।
उन्होंने कारखाना मालिक से पांच लाख रुपये मुआवजा, दस बिस्वा जमीन और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग रखी है।
मांग पूरी न होने तक पति के शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया है। कारखाना मालिक अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि समझौते की बात चल रही है। माखी एसओ योगेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों ने अभी तक तहरीर नहीं दी है।