उन्नाव। किशोरी से छेड़छाड़ करने वाले अभिषेक और दिवाकर को विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट नंबर 11 के न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों को 11500 रुपये के अर्थदंड भी लगाया है।
औरास थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी ने पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि चार मार्च 2018 की सुबह करीब 11:30 बजे वह शहर जाने के लिए निकली थी। गांव से लगभग एक किमी दूर बने टावर के पास खुटेहना गांव निवासी अभिषेक उर्फ पालू शुक्ला, दिवाकर शुक्ला, चार अज्ञात साथियों के साथ पहुंचा और उससे रोक लिया। हाथ पकड़कर बाइक पर बैठाने की कोशिश की।
शोर मचाया तो पास में मौजूद भाई आ गए। इस पर आरोपी तेजाब डालने और जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। शाम करीब चार बजे दोबारा बाइक सवार दो युवक घर के बाहर पहुंचे और गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने 10 मार्च 2018 को अभिषेक, दिवाकर, दीपक, प्रद्युम्न और मोनू के खिलाफ पॉक्सो, मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद 14 नवंबर 2018 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
सोमवार को मुकदमे की सुनाई एडीजे एकादश न्यायालय में पूरी हुई। न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने साक्ष्य व दलील के आधार पर अभिषेक व दिवाकर के दोषी साबित होने पर दोनों को तीन-तीन साल कारावास की सजा सुनाई। वहीं दीपक, प्रद्युम्न और मोनू को दोषमुक्त किया है।