उन्नाव। बीघापुर की दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों में एक ही समय में एक ही मजदूरों के काम करने का खुलासा नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस एप) की तत्कालिक (रैंडम) जांच में हुआ है। मनरेगा उपायुक्त ने एप पर अपलोड की गई मजदूरों की फोटो का मिलान किया तो एक जैसी दिखीं। मामले में 2.43 लाख के भुगतान की जानकारी सामने आने पर उपायुक्त ने बीडीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
केंद्र सरकार ने मनरेगा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एनएमएमएस मोबाइल एप तैयार कराया है। इसके जरिए मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होती है। साथ ही काम करते वास्तविक फोटो टैग की जाती है। उपायुक्त मनरेगा मुनेश चंद्र ने 29 नवंबर को रैंडम आधार पर एनएमएमएस एप चेक किया। इसमें 15 नवंबर का बीघापुर ब्लॉक में मनरेगा से हुए कार्यों का सत्यापन किया।
इसमें बीघापुर की दो ग्राम पंचायतों खेसुवा और भैरमपुर में अलग-अलग कार्यों में 50-50 मजदूरों को लगाने की बात सामने आई। कार्य देखने के बाद जब ग्राम पंचायतों से अपलोड की गई फोटो का मिलान किया तो दोनों जगहों पर एक ही मजदूरों की फोटो पाई गई। आगे जांच में 16 से 28 नवंबर तक दोनों पंचायतों में यही स्थिति नजर आई। पता चला कि इन कार्यों में 2,43,180 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि अभी ऐसी कोई टेक्नोलॉजी नहीं बनी, जिसमें सभी मजदूर एक साथ, एक समय पर दो अलग अलग स्थानों पर काम कर सकें। इस मामले में बीडीओ पंकज गौतम को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।
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कार्यक्रम अधिकारी व विकासखंड कार्यालय के अन्य कर्मी जांच के दायरे में
उपायुक्त ने बताया कि मामले में कार्यक्रम अधिकारी व अन्य ब्लाक कार्यालय कर्मियों की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता है। बीडीओ को क्षेत्र में कराए गए कार्यों का निरीक्षण मय फोटो समेत करके गड़बड़ी के जिम्मेदारों की रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए हैं।
-भैरमपुर में कार्य-रज्जन के खेत से लल्लन के खेत तक चक मार्ग-भुगतान-1,56,240 रुपये
-खेसुवा में कार्य-ब्रम्हा के खेत से छंगा के खेत तक चक मार्ग-भुगतान-86,940 रुपये