फोटो-1- कांग्रेस कार्यालय के पास हरदोई पुल पर लगाए जाने वाले हाईटगेज के लिए जगह चिन्हांकन करता
उन्नाव। कल्याणी रेलवे क्रासिंग पर बने हरदोई रोड पुल के पिलरों में दरारें आ गई है। इस पुल से भारी वाहनों को रोकने के लिए हाईटगेज लगाने के लिए जगह का चिह्नांकन शुरू हो गया है। रेलवे पुल के दोनों तरफ हाईटगेज लगाएगा। भारी वाहन दोस्तीनगर बाईपास से निकाले जाएंगे।
वर्ष 1986 में शहर की कल्याणी क्रासिंग पर करीब 20 करोड़ की लागत से लगभग 900 मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा पुल बना था। हरदोई रोड को जाने वाले मार्ग पर बने पुल से रोजाना सैकड़ों वाहन निकलते हैं। इनमें भारी वाहनों की संख्या ज्यादा होती है। पुल बने 39 साल हो गए हैं लेकिन पुल की कभी पूरी तरह मरम्मत नहीं हुई।
भारी वाहनों के 24 घंटे आवागमन से पुल कमजोर हो रहा है। पुल की स्लैब दरकने लगी है। पिलरों में भी दरार नजर आ रही हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति रेलवे सीमा वाले पुल की है। अब रेलवे, पुल से भारी वाहनों का आवागमन रोकने के लिए हाईटगेज लगाने जा रहा है। इसके लिए जगह का चिह्नांकन शुरू करा दिया है।
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दो साल पहले मरम्मत के लिए भेजा था डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव
पीडब्ल्यूडी ने वर्ष 2023 में पुल का सर्वे कराया था। उसमें पुल का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला था। मरम्मत के लिए डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन शासन से मंजूरी नहीं मिली। जब पुल का डिजाइन तैयार हुआ था, उस समय यहां से 500 से 600 वाहनों का आवागमन होता था। आज पुल से करीब एक हजार वाहन निकलते हैं। इनमें भारी वाहनों की संख्या 700 से 800 होती है।
वर्जन...
पुल का निचला हिस्सा कमजोर हो रहा है। इस पुल का एक बड़ा हिस्सा रेलवे सीमा में है। इसलिए मरम्मत रेलवे कराएगा। मरम्मत से पहले रेलवे हाईटगेज लगाकर भारी वाहनों का आवागमन रोकेगा। रेलवे प्रशासन विभाग को सूचना दे चुका है। -सुबोध कुमार, एक्सईएन पीडब्लूडी निर्माणखंड।