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अंधेरगर्दी: सीवीओ ने 495 रुपये में खरीदी एक नारियल झाड़ू

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फोटो-17-सुमेरपुर के पशु चिकित्सालय में टूटे खिड़की के शीशे देखते जांच अधिकारी। आर्काइव।
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उन्नाव। पशु चिकित्सालयों की मरम्मत और रंगरोगन के अधूरे काम का पूरा भुगतान करने में निलंबित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. महावीर सिंह ने कार्यालय में प्रयोग किए जाने वाले सामानों की खरीद में भी अंधेरगर्दी की। उन्होंने नारियल की एक झाड़ू का 425 रुपये और एक तौलिये का 790 रुपये का भुगतान किया।
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डाॅ. महावीर सिंह के कार्यकाल में पशुपालन विभाग ने कार्यालयों की सफाई के लिए नारियल के 70 झाड़ू खरीदे गए थे। इसके लिए 29750 रुपये का भुगतान किया गया था यानी एक झाड़ू 425 रुपये में खरीदी गई थी। इसी प्रकार 64 तौलिये भी खरीदे गए थे। 790 रुपये तौलिये के हिसाब से 50560 रुपये का भुगतान किया गया था।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक सामान्य नारियल झाड़ू की कीमत 40 से 50 रुपये के आसपास होती है। किसी कंपनी से भी खरीदी जाए तो ज्यादा से ज्यादा कीमत सौ रुपये ही होगी। इसी प्रकार तौलिया भी बहुत ज्यादा 600 से 650 तक में खरीदी जा सकती हैं। पशुपालन विभाग में इन दोनों वस्तुओं की खरीद में अंधेरगर्दी की गई। खरीद का भुगतान सीवीओ महावीर सिंह के ही कार्यकाल में हुआ।
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एक ही फर्म को दिए 90 फीसदी से ज्यादा काम
सीवीओ डॉ. महीवीर सिंह के एक ही फर्म को अधिकांश कार्य देने की भी विभाग में खूब चर्चा रही। निलंबन आदेश में प्रमुख सचिव ने चहेते ठेकेदार को ठेका देने का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इसमें विभागीय लिपिक की भी संलिप्तता है। जिस फर्म को विभाग के 90 फीसदी से ज्यादा काम दिए गए हैं, वह लिपिक के रिश्तेदार की बताई जा रही है। इसके चलते लिपिक भी जांच के दायरे में हैं।

सीवीओ डॉ. महावीर सिंह को वित्तीय अनियमितता/गबन के मामले निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में वह पशुपालन विभाग के लखनऊ मुख्यालय में संबद्ध रहेंगे। रिकवरी पर निर्णय अंतिम जांच के बाद लिया जाएगा। जल्द ही उन्नाव में नए सीवीओ की तैनाती हो जाएगी। -देवेंद्र कुमार पांडेय, विशेष सचिव पशुपालन।
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