उन्नाव। गंगा की बाढ़ ने इस बार पांच तहसीलों के 130 गांवों के 17380 किसानों को प्रभावित किया। बाढ़ से उनकी 4028 हेक्टेयर फसलें खराब हो गई हैं। शासन ने बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए करीब सात करोड़ रुपये दिए हैं। किसानों को मुआवजे का वितरण शुरू करा दिया गया है। अब तक 3199 किसानों के खाते में 1.23 करोड़ मुआवजा भेजा जा चुका है।
10 अगस्त को गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा था और चेतावनी बिंदु 112 मीटर के निशान को पार कर गया था। सात दिन बाद जलस्तर के खतरे के लाल निशान 113 मीटर को भी पार कर जाने से गंगा के कटरी क्षेत्रों में सैलाब आ गया था। सदर, सफीपुर, बांगरमऊ, हसनगंज व बीघापुर तहसील के गांवों में घरों के अंदर पानी पहुंचने से बाढ़ पीड़ितों को राहत शिविरों की शरण लेनी पड़ी थी। करीब 10 से 12 दिन सैलाब रहने के बाद जब जलस्तर घटना शुरू हुआ तो जिला प्रशासन ने पीड़ितों का राहत दिलाने के लिए सर्वे शुरू कराया।
सर्वे की प्रारंभिक रिपोर्ट में सदर के 45, सफीपुर के 19, बांगरमऊ के 34, बीघापुर के चार और हसनगंज के 28 गांवों के बाढ़ प्रभावित होने की बात सामने आई। इनमें रहने वाले 17380 किसानों की 4028 हेक्टेयर में बोई गई धान, मक्का, सब्जी, उड़द, मूंग आदि की फसलें बाढ़ में सड़ गईं। इसी आधार पर किसानों को आपदा राहत राशि के लिए शासन से सात करोड़ की धनराशि जारी हुई।
जिला प्रशासन ने मंगलवार तक सफीपुर के 968 किसानों के खातों में 33,95,204 और हसनगंज के 2231 किसानों को 8919708 रुपये भेज दिए। अब बांगरमऊ के 6139 किसानों को मुआवजा राशि देने की कवायद शुरू कर दी गई है।
इंसेट-1
मकान, रोड और बिजली के खंभों की अभी रिपोर्ट नहीं
भले ही गंगा का जलस्तर कम हो गया है लेकिन अभी सड़कें चलने लायक नहीं हैं। इसी कारण मकान, रोड व बिजली के पोल आदि के नुकसान का आंकलन नहीं हो सका है। अधिकारियों के मुताबिक, पानी पूरी तरह से सूखने के बाद ही मकान, रोड व बिजली संबंधी सर्वे हो पाएगा।
वर्जन...
प्रभावित तहसीलों की जो रिपोर्ट आई है, उसके अनुसार फसल नुकसान का मुआवजा किसानों को देने का काम शुरू करा दिया गया है। जैसे-जैसे सर्वे के आधार पर फीडिंग का काम पूरा हो रहा है, वैसे वैसे किसानों के खातों में राहत राशि पहुंचाई जा रही है। जल्द ही सभी पीड़ित किसानों को मुआवजा दे दिया जाएगा। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।