औरास (उन्नाव)। पीडब्ल्यूडी ने सई नदी पुल की मरम्मत का काम पूरा कर लिया। बुधवार को पुल यातायात के लिए खोल दिया गया। इससे चक्कर काटकर दूसरे रास्तों से कानपुर और लखनऊ जा रहे वाहनों को अब आठ किमी. दूरी कम तय करनी पड़ेगी। क्षेत्र की करीब दो लाख आबादी को भी राहत मिल गई है।
औरास कस्बे में वर्ष 1965 में सई नदी पर पुल का निर्माण कराया गया था। पिछले माह पुल का जोड़ खुलने से किनारा धंस गया था। पुल की एक सपोर्टिंग वॉल क्षतिग्रस्त हो गई थी और एक टुकड़ा टूटकर गिर गया था। इसको देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने दस सितंबर से मरम्मत कार्य शुरू कराने की तैयारी की थी। हालांकि पहले दिन श्रमिक न मिलने से काम शुरू नहीं हो सका था। 11 सितंबर से कार्य शुरू हुआ था। करीब 15 दिन के लिए औरास सई नदी पुल के दोनों तरफ सड़क पर मिट्टी का बांध लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया था।
वाहनों को अलग अलग रास्तों के लिए डाइवर्ट कर दिया गया था। पीडब्ल्यूडी ने बुधवार को मरम्मत कार्य पूर्ण कराया। इसके बाद पुल खोल दिया। पुल खुलते ही वाहन फर्राटा भरने लगे। इससे करीब 15 दिन से डायवर्जन से परेशान लोगों को राहत मिल गई।
पुल से आवागमन शुरू होने से मिली राहतसई नदी पुल मरम्मत के दौरान आवागमन बंद कर वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया था। कानपुर से संडीला-चकलवंशी-बिठूर मार्ग से आने वाले भारी वाहन मियागंज चौराहे से लखनऊ-बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग से होते हुए मोहान कस्बा से अजगैन-मलिहाबाद के रास्ते से किमी-29 में मटरिया चौराहे से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के सर्विस लेन मार्ग से जा रहे थे। कानपुर और उन्नाव शहर से आने वाले वाहनों को संडीला जाने के लिए बांगरमऊ होते हुए निकाला जा रहा था। कानपुर से संडीला-चकलवंशी-बिठूर चौबेपुर मार्ग से आने वाले हल्के वाहनों को औरास के किमी. 22 में ग्राम नई बस्ती-महबूबखेड़ा के रास्ते मिर्जापुर अजिगांव में सई नदी पर बने दूसरे पुल के जरिए लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के अंडरपास से औरास थाने के पास इसी मार्ग के किमी-18 से निकाला जा रहा था। डायवर्जन के यह सभी रूट औरास कस्बे के सई नदी पुल से करीब आठ किमी की दूरी पर थे। अब पुल खुल जाने से वाहन सवारों को इस अतिरिक्त चक्कर से निजात मिल गई है।
चार जिलों को जोड़ता है पुल
चार जिलों को जोड़ता है पुलकस्बा औरास में सई नदी पर बना यह पुल हरदोई, उन्नाव, लखनऊ व सीतापुर को जोड़ता है। प्रतिदिन सौ से अधिक डंपर व ट्रक ओवरलोड मौरंग, गिट्टी, बालू, सरिया व सीमेंट आदि लादकर निकलते हैं। साथ ही यह पुल नगर पंचायत के साथ विकासखंड औरास के लोधई, शीशी, सीमऊ, सरौंद, पूराचांद व कबराई सहित 106 गांवों को जोड़ता है। करीब 1.95 लाख की आबादी आवागमन करती है। लोग इसी मार्ग से मुख्यालय आते, जाते हैं। एंबुलेंस भी इसी रास्ते से गुजरती हैं।