उन्नाव। नवरात्र से पहले देवी मंदिरों को जाने वाले रास्तों को गड्ढामुक्त करने के मुख्यमंत्री के आदेश को अफसरों ने गड्ढों में डाल दिया। शहर के कल्याणी, नवाबगंज के कुशहरी, दुर्गा, अचलगंज के आनंदी सहित अन्य मंदिरों को जाने वाले मार्गों के गड्ढे नहीं भरे गए। इस कारण श्रद्धालु देवी दर्शन हिचकोले खाते मंदिर पहुंचे।
फोटो-21-कल्याणी जाने वाले मार्ग की क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग व फैला कूड़ा। संवाद
मंदिर जाने वाला मार्ग दुरुस्त नहीं किया
शहर के कल्याणी मोहल्ले में प्रसिद्ध मां कल्याणी का मंदिर है। मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु पूजन करते हैं। नवरात्रों में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में पहुंच जाती है। इसके बाद भी मंदिर जाने वाला मार्ग दुरुस्त नहीं किया गया है। इंटरलॉकिंग मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है। इससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है।
फोटो-22-आनंदी देवी मंदिर जाने वाला खस्ताहाल खड़ंजा मार्ग। संवाद
एक किमी. चक्कर काटकर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु
बदरका स्थित प्राचीन आनंदी देवी मंदिर जाने वाला रास्ता कीचड़ व गड्ढों में तब्दील है। मां आनंदी देवी मंदिर में क्षेत्रीय लोगों की गहरी आस्था है। वैसे तो प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है लेकिन नवरात्र पर ज्यादा भीड़भाड़ रहती है। दूर, दूराज से लोग यहां मांगलिक कार्य कराने आते हैं लेकिन गांव से गुजरने वाला रास्ता खराब होने के कारण लोगों को एक किमी दूर से चक्कर काट कर आना पड़ता है। ग्राम प्रधान संजय यादव ने बताया कि लगभग 700 मीटर खड़ंजा मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसकी दोबारा मरम्मत कराई जा रही है। करीब 100 मीटर इंटरलॉकिंग का काम कराया जा चुका है।
फोटो-23-कुशहरी देवी मंदिर जाने वाले मार्ग में गड्ढों के बीच से निकलता बाइक सवार। संवाद
गड्ढों में तब्दील है मार्ग
विकासखंड नवाबगंज के कुसुंभी में प्रसिद्ध सिद्धपीठ कुशहरी देवी का मंदिर है। मंदिर जाने के लिए फरहदपुर-नवाबगंज प्रमुख मार्ग है। इस समय यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। नवरात्र में इस मंदिर में क्षेत्र के अलावा आसपास के जिलों के हजारों श्रद्धालु भी देवी मां के दर्शन को आते हैं। श्रद्धालुओं को इस क्षतिग्रस्त मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है।
फोटो-24-नवाबगंज कस्बे में स्थापित दुर्गा मंदिर जाने वाले मार्ग में हुए गड्ढे में भरा पानी। संवाद
मंदिर के रास्ते में गड्ढे से श्रद्धालु परेशान
कस्बा नवाबगंज में भगवान परशुराम द्वारा स्थापित दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। भगवान परशुराम के प्रतिमा स्थापित करने के कारण इस मंदिर का काफी महत्व है। कस्बे के लोग कोई भी शुभ कार्य से पहले मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। इस समय यहां पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने के लिए गड्ढायुक्त मार्ग पर हिचकोले खाने पड़ रहे हैं।
वर्जन...
सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू करा दिया गया है। पहले मंदिरों को जाने वाले रास्ते ही दुरुस्त कराए जा रहे हैं। पिछले हफ्ते दो दिन बारिश हो जाने से काम प्रभावित हुआ था। अब तेजी से कार्य कराया जा रहा है। एक, दो दिन में मंदिर जाने वाले रास्तों को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। -हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी व नोडल गड्ढामुक्त अभियान।
सड़कों की लंबाई व मांगा गया बजट
मार्ग संख्या गड्ढायुक्त मार्गों की लंबाई किमी में प्रस्ताव लाख में
राज्य मार्ग 4 37.960 94.90 लाख
जिला मार्ग 1 15.500 18.60 लाख
शहर 1 1.600 1.92 लाख
अन्य जिला मार्ग 15 91.529 117.64 लाख
विभाग मार्ग 196 306.895 352.93 लाख
कुल 217 453.484 585.99 लाख
फोटो-21- कल्याणी मंदिर जाने वाले मार्ग की क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग व फैला कूड़ा। संवाद
फोटो-21- कल्याणी मंदिर जाने वाले मार्ग की क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग व फैला कूड़ा। संवाद
फोटो-21- कल्याणी मंदिर जाने वाले मार्ग की क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग व फैला कूड़ा। संवाद