उन्नाव। जिला अस्पताल के एक्सरे विभाग में मेडिकोलीगल रिपोर्ट बनाने के लिए रुपये मांगने के आरोप की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई। बृहस्पतिवार को एडी हेल्थ लखनऊ मंडल और जेडी पैरामेडिकल सीएमओ कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक सीएमओ कक्ष में पीड़ित के बयान दर्ज किए। एक्सरे कक्ष में तैनात टेक्नीशियनों के बयान भी लिए।
माखी के रामसिंह खेड़ा गांव निवासी रामआसरे ने शिकायत की थी कि सितंबर 2025 में एक्सरे के बाद रिपोर्ट के लिए रुपये मांगे गए। रुपये न देने पर रिपोर्ट नहीं बनाई गई। इससे उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने पर रामआसरे ने हाईकोर्ट का रुख किया। न्यायालय ने एडी डॉ. जीपी गुप्ता और जेडी सुनील कुमार वर्मा को जांच सौंपी।
बृहस्पतिवार को दोनों अधिकारियों ने शिकायतकर्ता रामआसरे का बयान दर्ज किया। पुराने अभिलेखों की भी जांच की। इसके बाद एक्सरे टेक्नीशियन वीरेंद्र और आशीष को बयान के लिए बुलाया गया। एडी डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि पीड़ित और टेक्नीशियनों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाएगी।
इमरजेंसी में भर्ती हुए जेडी
जांच में शामिल जेडी डाॅ. सुनील वर्मा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी की शिकायत के बाद उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। उनका ईसीजी किया गया। हालांकि जांच सामान्य आई। कुछ देर के बाद हालत में सुधार होने पर वह लखनऊ चले गए।