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Unnao News: भारी वाहनों की डायवर्जन व्यवस्था फेल, 20 दिन से झेल रहे जाम

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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर की तरफ जाने-आने वाले वाहन सवार लोग करीब 20 दिनों से जाम की दुश्वारियां झेल रहे हैं। जाजमऊ पुल पर आधी लेन बंद होने से हल्के वाहन भी 24 घंटे रेंग रहे हैं। यहां पांच मिनट की दूरी तय करने में बीस से तीस मिनट में पूरी होती है। मरहला चौराहा से बैराज के रास्ते कानपुर जाने वाले मार्ग पर भी वन-वे और भारी वाहनों पर रोक का प्लान फेल होने से दस मिनट की दूरी 40 से 50 मिनट का वक्त लगता है। वहीं भारी वाहनों को कानपुर जाने के लिए खुले एकमात्र, मोहनलालगंज-बिहार-बक्सर मार्ग पर दिन में कई बार जाम लगता है। यातायात संचालन के लिए पर्याप्त पुलिस व संकेतक न होने से यातायात चौतरफा उलझा रहता है।
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जाजमऊ गंगा पुल पर से कानपुर जाने वाली लेन के पुल की मरम्मत का काम चलने से 20 से 30 मिनट लग जाते हैं। एनएचएआई ने 12 सितंबर से 13 दिसंबर तक भारी वाहनों के कानपुर की ओर जाने पर रोक लगाई है। हालांकि पुल से हल्के वाहनों को कानपुर जाने दिया जा रहा है, लेकिन आधी लेन पर काम और आधी लेन से यातायात चलने से 24 घंटे वाहन रेंगते रहते हैं। हालत यह है कि पांच मिनट की दूरी तय करने में बीस से तीस मिनट लग रहे हैं मरहला चौराहा से गंगा बैराज-कानपुर मार्ग पर भारी वाहनों पर रोक और कानपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए ट्रांसगंगा सिटी के रास्ते लागू की गई वन-वे व्यवस्था पर अमल न होने से दिन-रात जाम रहता है। हालत यह है कि मरहला चौराहा से सरैंया रेलवे क्रॉसिंग पार करने की दस मिनट की दूरी तय करने में 40 से 50 मिनट लगते हैं।



डायवर्जन पॉइंटों पर लग रहा जाम



अचलगंज। सुबह के समय वाहन अधिक न होने से डायवर्जन पॉइंटों पर यातायात सामान्य रहता है लेकिन दोपहर बाद से यातायात का दबाव बढ़ते ही जाम लगने लगता है। डायवर्जन शुरू होने के लगातार चौथे दिन यही स्थिति रही। लखनऊ-कानपुर हाईवे और उन्नाव-लालगंज हाईवे को जोड़ने वाले गदनखेड़ा चौराहा पर भारी वाहनों को रायबरेली की ओर मुड़ने के दौरान बार-बार जाम लगता रहा। रायबरेली हाईवे को कानपुर हाईवे और गंगा बैराज मार्ग को जोड़ने वाले आजाद मार्ग चौराहा पर भी यातायात उलझता रहता है।
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मोहनलालगंज-बिहार-बक्सर मार्ग पर रेंगता है यातायात



पाटन। लखनऊ से कानपुर, फतेहपुर, रायबरेली, बांदा, हमीरपुर व अन्य जिलों को जाने वाले भारी वाहनों के लिए मोहनलालगंज-मौरावां-बिहार-बक्सर मार्ग ही एकमात्र सहारा है। डायवर्जन लागू होने के बाद से लखनऊ से लौटने वाले वाहन इस मार्ग से कानपुर-प्रयागराज हाईवे और रायबरेली की ओर भेजे जा रहे हैं। यातायात का दबाव बढ़ने से शनिवार सुबह 11 से दो बजे तक सुमेरपुर तिराहा से बक्सर मोड़ तक करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लगा। वाहन चालकों में पहले निकलने की होड़ में बक्सर गंगा नदी पुल चोक हो गया। आड़े-तिरछा वाहन उलझ गए। इस दौरान यहां तैनात सिर्फ चार सिपाहियों को घंटों पसीना बहाना पड़ा। बाद में पीआरवी व अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने पर जाम खुल सका। मौरावां मोड़, भगवंतनगर, ऊंचगांव तिराहा पर भी यातायात बाधित रहा।



शुक्लागंज के नवीन पुल पर भी सुबह-शाम जाम



चार पहिया और हल्के वाहनों के आवागमन वाले शुक्लागंज के नवीन गंगा पुल पर सुबह नौ से 11 और शाम को पांच से नौ बजे तक यातायात रेंगता है। यहां बीच सड़क में सड़क उखड़ने से यातायात और भी ज्यादा प्रभावित है। रात के समय भारी वाहनों का भी आवागमन होने से अक्सर जाम लग जाता है।



जाम और लंबे चक्कर से बचने को ऑटो रिक्शा का सहारा



बसों के लंबे फेरे और जाम में उलझने की वजह से यात्री, टेंपो, ऑटो और ई रिक्शा का सहारा ले रहे हैं। हाईवे के गदनखेड़ा चौराहा, पुरवा मोड़, शुक्लागंज के मरहला चौराहा व अन्य स्थानों पर बसों से उतर कर बीघापुर और कानपुर रूट पर सफर के लिए छोटे यात्री वाहनों से सफर कर रहे हैं। गदनखेड़ा चौराहा से अचलगंज, सिकंदपुर कर्ण, लालकुआं, बिहार, बक्सर, पाटन आदि, पुरवा मोड़ से बिछिया, असोहा, मंगतखेड़ा, पुरवा, मौरावां के लिए कानपुर जाने के लिए बस से बैराज मार्ग से कानपुर जाने के बजाए मरहला चौराहा पर उतर कर टेंपो और ई रिक्शा से आगे का सफर कर रहे हैं।



वर्जन...



जिन स्थानों पर पीक ऑवर्स में यातायात उलझ रहा है अतिरिक्त यातायात पुलिस कर्मियों और एनएचएआई के कर्मचारियों को लगाकर यातायात का सुचारु संचालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। जहां भी कमी है वहां अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाएगी।-सुनील कुमार, यातायात निरीक्षक



यातायात संचालन प्रभावित न हो इसके लिए आजाद मार्ग चौराहा, गदनखेड़ा चौराहा सहित अन्य स्थानों पर निर्माण एजेंसी ने अपने भी कर्मचारी लगाए हैं। जहां भी आवश्यकता होगी और कर्मचारी लगवाए जाएंगे।-पंकज यादव, पीडी एनएचएआई
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