उन्नाव। जल जीवन मिशन के लिए भूमिगत पाइप लाइनें बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कें जल निगम और निर्माण एजेंसी ने कागजों में चकाचक कर दी, जबकि हकीकत इससे एकदम उलट है। सड़कों पर गहरे गड्ढों में मुसाफिर गिरते-पड़ते और हिचकोले खाते हुए सफर कर रहे हैं। कई तो गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
जल निगम का दावा है कि जिले में पाइप लाइन डालने के लिए अब तक 6500 किलोमीटर सड़कों को खोदा गया है। सिर्फ 190 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत बाकी है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि सैकड़ों गांवों में पाइप लाइन डालने के कई साल बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं की गई। एजेंसी ने सड़क की मरम्मत के नाम पर खानापूरी की है। कहीं सीसी रोड में ईंट, राबिस और रोड़े भर दिए गए तो कहीं पक्की और खड़ंजा वाली खोदी गई सड़कों में मिट्टी भरकर छोड़ दिया गया।
अब जल शक्ति विभाग के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने लंबित काम युद्धस्तर पर पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पाइप लाइन, टंकी बनाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने के लिए एक अक्तूबर से 10 नवंबर तक 40 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से जल निगम के अधिकारी हरकत में आए हैं।
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औरास ब्लॉक के गांवों में एक साल से खुदी हैं सड़कें
औरास। मुसल्यावां, अदौरा, गोजीहार, चकलाडू खेड़ा, भुलभुला खेड़ा, जमालनगर सहित पचास से अधिक गांवों में जलजीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें एक साल बाद दुरुस्त नहीं की गईं। टूटी नालियां और खोदी गई सड़क से कई गांवों के रास्ते संकरे होकर आधे बचे हैं। ग्रामीण आलोक यादव, महेंद्र, नरेंद्र, श्याम लाल, राजकुमार, रामदत्त, ब्रजमोहन आदि ने बताया कि एक साल पहले गांव में पाइपलाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गई थीं। तब से इंटर लॉकिंग और सीसी सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई।
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खोदी सड़कें पर बारिश में दलदल
असोहा। ब्लॉक के गांव मझखोरिया, अतरसई, मंगतखेड़ा सहित दर्जनों गांवों का ऐसा ही हाल है। जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइनों के लिए खोदी गई सड़कें महीनों बाद भी ठीक नहीं कराई गईं। इससे इन गांवों की दस हजार आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राजू, शिवमंगल, दिनेश, अंबिका आदि ने बताया कि पाइप लाइन पड़ने और जल्द ही शुद्ध पानी मिलने की खुशी है लेकिन सड़कों की मरम्मत न होने से आवागमन में परेशानी हो रही है। समस्या यह है कि ग्राम पंचायत या क्षेत्र पंचायत से इन सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकती है और जल निगम की जिस निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है वह बना नहीं रही है।
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पाइपलाइन डालकर मरम्मत करना भूले
पुरवा। जलजीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें और नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मरम्मत न होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। त्रिपुरारपुर में 1500 मीटर सीसी और इंटर लॉकिंग खोदी गई, जिससे करीब चार हजार लोग प्रभावित हैं। भूलेमऊ, बरबट, बेहटा भवानी और पासाखेड़ा जैसे अन्य गांवों में भी सड़कें और नालियां क्षतिग्रस्त हैं। गोकुलपुर में ग्रामीणों ने खुद मिट्टी डालकर रास्ता बराबर किया। एडीओ पंचायत राकेश सिंह ने बताया कि जल निगम के जेई से वार्ता हुई है और जल्द मरम्मत का आश्वासन मिला है।
फोटो-18-हसनगंज ब्लॉक के रानी खेड़ा खालसा गांव में जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़क। संवाद
सड़कों की मरम्मत न होने से ग्रामीण परेशान
हसनगंज। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदने से ग्रामीण परेशान हैं। हसनगंज ब्लॉक के रानीखेड़ा खालसा, रामपुर अखौली और रसूलपुर गांव में ठेकेदार ने आरसीसी सड़कें खोद दी हैं। बारिश के कारण इन खुदी हुई सड़कों पर कीचड़ और जलभराव हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ब्रजेश रावत ने जल निगम के अधिकारियों पाइप लाइन डालने के साथ ही सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
फोटो-19- सड़कें बदहाल, राहगीर हो रहे चुटहिल
अचलगंज। हर घर जल योजना के तहत गांवों में भूमिगत पाइप लाइनों को बिछाने बाद सड़कों की मरम्मत न होने से लोगों की मुश्किलें हो रही हैं। ग्रामीण राजकुमार, शिवसुंदर, रामासरे, विनोद ने बताया कि बदरका-छेरिहा मार्ग सहित दर्जनों गांवों में पाइप डालने के बाद के बाद ठेकेदार ने मिट्टी बैठ जाने के बाद सीमेंट और कंक्रीट से मरम्मत कराने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद लौटकर नहीं आया। दो किलोमीटर के मार्ग पर दस स्थानों पर बड़े गड्ढे हैं। इससे वाहन सवार गिरकर चुटहिल हो रहे हैं।
अमृत योजना की एजेंसी पर लगा था एक करोड़ जुर्माना
शहरी योजना में गलत रिपोर्ट पर लग चुका है एक करोड़ जुर्माना जल निगम शहरी की ओर से सड़कों की मरम्मत को लेकर दी गई रिपोर्ट पर वर्ष 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने अधिकारियों से इसका सत्यापन कराया तो दावे के मुताबिक आधी से ज्यादा सड़कों की मरम्मत नहीं कराने की बात सामने आई। इसपर निर्माण एजेंसी पर एक करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया था। अब ग्रामीण क्षेत्र के जलजीवन मिशन में लापरवाही जारी है।
2942 करोड़ की योजना में सड़क की मरम्मत का खर्च भी शामिल
जल जीवन मिशन के तहत उन्नाव में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की परियोजनाओं पर 2942 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें खोदी की सड़कों को पुन: उसी रूप में मरम्मत कराना भी शामिल है। जिले की 1037 ग्राम पंचायतों और 1673 मजरों को शुद्ध पानी मिल सकेगा। क्लस्टर ‘ए’ में 1585 करोड़ रुपये की लागत से 6862.56 किलोमीटर पाइपलाइन. 239 ओवरहेड टैंक बनाए जा रहे हैं। वहीं क्लस्टर ‘बी’ की लागत 1357 करोड़ रुपये है। इसमें 5990.45 किलोमीटर पाइपलाइन और 205 ओवरहेड टैंक बनेंगे।
वर्जन....
पेयजल योजना की पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत निर्माण एजेंसी के माध्यम से कराई जा रही है। 6500 किलोमीटर में से सिर्फ 190 किमी लंबी सड़कों की ही मरम्मत बाकी है उसे भी अभियान चलाकर तय समय से पहले ही ठीक करा दिया जाएगा।-अजीत कुमार सिंह, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण
औरास के मुस्लायावां में पाइप लाइन डालने के लिए खोदाई से टूटी नाली और सड़क। संवाद
औरास के मुस्लायावां में पाइप लाइन डालने के लिए खोदाई से टूटी नाली और सड़क। संवाद
औरास के मुस्लायावां में पाइप लाइन डालने के लिए खोदाई से टूटी नाली और सड़क। संवाद
औरास के मुस्लायावां में पाइप लाइन डालने के लिए खोदाई से टूटी नाली और सड़क। संवाद