परियर (उन्नाव)। अवैध संबंधों के शक में युवक ने ससुराल से लौटते समय युवक ने पुल से पत्नी को गंगा नदी में फेंक दिया। पहले उसने मामूली विवाद में पत्नी के नदी में कूदने की सूचना दी लेकिन जब मायके वाले पहुंचे और आरोप लगाया तो उसने दूसरे युवक से बात करने की खुन्नस में पत्नी को गंगा में फेंकने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है। महिला की नदी में तलाश की जा रही है।
कानपुर नगर के बिठूर थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव निवासी सुजीत राजपूत (21) शुक्रवार की सुबह पत्नी ऊषा (19) को लेकर उसके मायके सफीपुर कोतवाली के मरौंदा मंझवारा गांव आया था। ससुराल में रह रहे फतेहपुर चौरासी थाना के सहिलापुर गांव निवासी साढ़ू मोनू राजपूत के हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। सुजीत और उषा मोनू को देखने आए थे। शाम करीब छह बजे वह ऊषा को लेकर बाइक से घर के लिए निकला। रास्ते में दोनों में विवाद हुआ तो सुजीत ने गंगा नदी पुल पर बाइक रोकी और पत्नी को उठाकर गंगा में फेंक दिया। इसके बाद अपनी मां सुमन को फोन कर बताया कि ऊषा गंगा में कूद गई है।
सुमन ने ऊषा के पिता विनोद और अन्य लोगों को जानकारी तो मायके वाले घटनास्थल पर पहुंचे। सुजीत पर ऊषा को नदी में फेंकने का आरोप लगाया। पहले तो उसने पत्नी के खुद नदी में कूदने की बात बताई लेकिन पुलिस ने सख्ती की तो उसने गुनाह कबूल लिया। ऊषा के पिता ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले बेटी की शादी की थी। कोई संतान नहीं है। दोनों में पहले भी अक्सर विवाद होता था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे शक था कि पत्नी मायके में रहने वाले युवक से बात करती थी। बुधवार को भी रात में काफी देर तक बात करती रही, विरोध किया तो विवाद हुआ था।
सुजीत के मुताबिक काफी जिद करके पत्नी उसके साथ शुक्रवार को मायके आई थी। कुछ देर बाद बाजार जाने की बात कहकर चली गई और काफी देर बाद लौटी थी। सफीपुर कोतवाली प्रभारी संदीप मिश्रा ने बताया कि मायके वाले सुजीत पर आरोप लगा रहे हैं और आरोपी ने भी घटना कबूल की है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। यह भी बताया कि अंधेरा होने से गोताखोर नहीं तलाश पाए। बताया कि मोटर बोट की व्यवस्था कर सुबह फिर तलाश कराई जाएगी।
फोटो-46-ऊषा (फाइल फोटो)
फोटो-46-ऊषा (फाइल फोटो)