पुरवा/पाटन (उन्नाव)। बारिश से लोन नदी में आई बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बीघापुर के पोरई गांव में तीन दिन बाद भी प्रशासनिक सहायता नहीं पहुंची। गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। पोरई-भाटनखेड़ा मार्ग पर पांच फीट पानी भरा होने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। उधर, अटवट गांव में पानी भरने से लोग गृहस्थी समेट हैं। एक परिवार ने स्कूल में डेरा डाल लिया है। बजौरा गांव के सामने बने पुल में दरार आ गई है। इसके अलावा सई व कल्याणी नदी के उफनाने से एक हजार से अधिक बीघे में बोई गईं फसलें जलमग्न हैं।
बीघापुर तहसील क्षेत्र के अटवट और पोरई गांव की आबादी में लोन नदी का पानी पहुंच गया है। ग्रामीण गृहस्थी समेट रहे हैं। अटवट में 25 घरों में पानी पहुंच गया है। ज्यादातर लोगों ने छत पर डेरा डाल लिया है। एक परिवार के आठ से नौ सदस्यों ने प्राथमिक विद्यालय में शरण ले ली है। ग्राम प्रशासक राकेश कुमार ने बताया कि करीब 65 राहत सामग्री की किट मिली है। इसका वितरण कराया जा रहा है।
उधर, पोरई गांव में भी लोन नदी का पानी आबादी तक पहुंच गया। इसके मजरों दुर्गागंज व जियाखेड़ा की फसलों में पानी भर गया है। करीब 150 बीघा धान, उड़द, मूंग, तिल की फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। गांव के अयोध्या सिंह ने बताया कि गांव आने-जाने वाले रास्तों पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह बाधित है। बुधवार को राजस्व निरीक्षक दिनेश कुमार व लेखपाल संजीव पांडेय ने गांव पहुंचकर बाढ़ का निरीक्षण किया था लेकिन अभी कोई सहायता नहीं मिली है। गांव में तीन दिन से बिजली गुल है।
ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि राघवेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में तीन दिन से लोग परेशान हैं। लेखपाल ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सूची बनाकर राहत सामग्री के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दी है। उधर, बिहार-सरेनी मार्ग पर बजौरा गांव के सामने बने पुल में दरार आ गई है। स्थानीय लोगों ने बबूल की झाड़ियां रख दी हैं। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि पीडब्ल्यूडी को सूचना दी गई है। बताया कि अढ़ौली गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय से विधायक आशुतोष शुक्ला ने करीब सौ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री की किट बांटी है। अन्य प्रभावित गांवों में भी जल्द वितरण कराया जाएगा।
खेतों में फैला पानी, लोगों की परेशानी बढ़ी
चकलवंशी। लोन नदी के बढ़ते जलस्तर से सदर तहसील क्षेत्र के पवई, धौकलखेड़ा, पूरानिस्पंसारी, हिमांचलखेड़ा, सधवाखेड़ा, खत्रिनखेड़ा, जिंदाखेड़ा, शंकरखेड़ा व विजईखेड़ा आदि गांवों में खेतों में पानी फैल गया है। गांव के पंकज, दीपू, संदीप, अवधेश, रामभजन, रमेश आदि ने बताया कि नदी उफना गई है। इससे पानी पास के खेतों में भर रहा है। लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सई नदी की बाढ़ से 1025 बीघा धान की फसल जलमग्न
औरास। बारिश से सई नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे गांव इनायतपुर बर्रा, लोधाटिकुर, कबरोई, पंचायतखेड़ा, मिर्जापुर अजिगांव, महबूखेड़ा व नई बस्ती आदि गांवों में खेतों में पानी भर गया है। 1025 बीघे में बोई धान की फसल जलमग्न हो गई है। किसान विजय सिंह, शिवकुमार, राहुल सिंह, रवि व महेंद्र ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी थी लेकिन नदी की बाढ़ से फसल डूब गई। साल भर रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा था। कई बार क्षेत्रीय लेखपाल को फोन कर फसल जलमग्न होने की जानकारी दी लेकिन कोई जांच करने नहीं आया। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि लेखपाल से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
ट्रैक्टर से विधायक और एसडीएम ने किया गांव का दौरा
हसनगंज। सई नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के बिचपरी गांव में जलभराव की स्थिति हो गई है। गांव के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की परेशानी की सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार को विधायक बृजेश रावत व एसडीएम शालिनी सिंह तोमर, ग्राम प्रशासक नितिन बाजपेई के ट्रैक्टर से जलभराव वाले क्षेत्र में पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर समस्याओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और गहरे पानी में न जाने की अपील की।
कल्याणी नदी में पानी बढ़ने से खड़ेहरा नाला उफनाया
फतेहपुर चौरासी। कल्याणी नदी में पानी बढ़ने से खड़ेहरा नाला उफना गया। इससे कस्बे के विनोद मिश्रा, राधेश्याम बाजपेई, गोविंद बाजपेई की धान की फसल व रमेश की ज्वार की फसल डूब गई। एसडीएम बृजमोहन शुक्ला ने बताया कि लेखपाल से सर्वे कराया जाएगा।
फोटो-
सपा नेता ने बाढ़ पीड़ितों के लिए मांगी मदद
उन्नाव। सपा नेता आंचल वर्मा ने मोहान विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। बिचपरी-निंदेमऊ मार्ग जलमग्न होने से आवागमन बाधित है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षित नाव, प्रशिक्षित नाविक और जीवन रक्षक जैकेट उपलब्ध कराने का आग्रह किया। (संवाद)
लोन नदी के बहाव से स्टेट हाईवे कटने का खतरा
उन्नाव। प्रयागराज हाईवे से दूधीकगार-मिर्रीकला मार्ग पर करीब 300 मीटर दायरे में लोन नदी का पानी करीब चार फीट ऊंचाई में बह रहा है। इससे परसंदा गांव के पास लगभग 10 मीटर सड़क कट गई है। लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता एचएन मिश्रा ने जेई व अन्य तकनीकी अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा किया और हाईवे की स्थिति का जायजा लिया। बताया कि तेज बहाव होने से सड़क को कई और स्थानों पर नुकसान पहुंचने का खतरा है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन हरदायल अहिरवार ने लोगों से बाढ़ ग्रस्त मार्ग से आवागमन न करने की अपील की है। (संवाद)
वर्जन....
बारिश के अलावा गंगा का पानी वापस होने से अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ा था। हालांकि अब जलस्तर स्थिर हो गया है। जिन गांवों में पानी भर गया है, वहां पर एक दो दिन में उतर जाएगा। संबंधित तहसील के अधिकारियों को गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां पर वितरण नहीं हुआ है, उसकी जांच कराएंगे।
सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त राजस्व।
फोटो-19- बीघापुर के पोरई गांव में लोन नदी में आई बाढ़ के बाद घर से सामान लेकर जाता युवक। संवाद
फोटो-19- बीघापुर के पोरई गांव में लोन नदी में आई बाढ़ के बाद घर से सामान लेकर जाता युवक। संवाद
फोटो-19- बीघापुर के पोरई गांव में लोन नदी में आई बाढ़ के बाद घर से सामान लेकर जाता युवक। संवाद
फोटो-19- बीघापुर के पोरई गांव में लोन नदी में आई बाढ़ के बाद घर से सामान लेकर जाता युवक। संवाद