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Unnao News: खराब खाना और ध्वस्त पेयजल व्यवस्था को लेकर छात्रों ने लगाया जाम

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फोटो-8-पुलिस अ​धिकारियों को समस्या बताते जाम लगाए छात्र। संवाद
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हसनगंज। आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं से आक्रोशित करीब 250 छात्र बुधवार को सड़क पर उतर आए। छात्रों ने मोहान चौराहे पर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। सूचना पर निदेशक समाज कल्याण, डीएम और एसपी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्रों को समस्याएं जल्द दूर करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इस दौरान वाहनों की करीब दस किलोमीटर तक लंबी लाइनें लग गईं।
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न्योतनी नगर पंचायत में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय संचालित है। विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक के 480 बच्चे पढ़ाई करते हैं। बुधवार की सुबह करीब छह बजे विद्यालय परिसर से निकलकर लगभग 250 छात्र मोहान चौराहे पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इससे यातायात ठप हो गया। छात्र नारेबाजी करने लगे। दसवीं के सचिन चौधरी, 12वीं के फतेह खान, आठवीं के अभिनेष और अर्जुन समेत अन्य छात्रों ने बताया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण खाना नहीं मिलता है। पेयजल की व्यवस्था भी सही नहीं है। पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक भी नहीं है। छात्रों के प्रति प्रधानाचार्य वंदना का व्यवहार भी ठीक नहीं है। शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं करती हैं।
छात्रों के धरना-प्रदर्शन और जाम की सूचना पर सीओ हसनगंज तेज बहादुर सिंह, पुरवा कोतवाल अरविंद चौरसिया, अजगैन कोतवाल शरद कुमार, सोहरामऊ और पुरवा की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय भी पहुंच गए और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। छात्र समाज कल्याण मंत्री को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
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इसी बीच एडीएम वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार गोंड व एसडीएम शालिनी तोमर भी पहुंच गईं। छात्र किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए तो डीएम घनश्याम मीना, एसपी जयप्रकाश सिंह और सीडीओ कृतिराज पहुंचीं। छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं का निदान कराया जाएगा। इसके बाद छात्र शांत हुए और करीब 8:40 बजे धरना समाप्त किया।

इंसेट-1
छात्रों के साथ अधिकारियों ने किया नाश्ता
डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारी छात्रों को लेकर विद्यालय पहुंचे। छात्रों ने बताया कि भोजन और पानी की गुणवत्ता लंबे समय से खराब है। जो शिक्षक हैं, वह सही से नहीं पढ़ाते हैं। छह साल से संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं। बाबू अवधेश मिश्रा और ऋतिक चौरसिया रात में एक बजे कमरों में बरमूडा पहनकर आ जाते हैं। रसोईघर में गंदगी रहती है। रसोइये पान मसाला खाकर खाना बनाते हैं। पसीना खाने में ही टपकता रहता है। रोज बैंगन की सब्जी बनाते है। हलवा बनता है तो उसमें कुछ नहीं डाला जाता है। इसकी शिकायत कई बार की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर डीएम व अन्य अधिकारियों ने मेस में जाकर छात्रों के साथ ही नाश्ता किया। स्टाफ से कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जाए। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए।
इंसेट-2
समाज कल्याण निदेशक ने छात्रों से की बात
मामले की जानकारी मिलने पर लखनऊ से समाज कल्याण निदेशक संजीव कुमार सिंह पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की। छात्रावास, मेस, विद्यालय, शौचालय आदि का निरीक्षण किया। समस्याएं सुनने के बाद बताया कि यहां पर नियमित व संविदा शिक्षकों की संख्या पूरी है। अतिथि शिक्षकों की संख्या छह थी, जिनका कार्यकाल एक साल का था। समय पूरा होने पर नियुक्ति खत्म हो गई थी पर शिक्षक कोर्ट चले गए थे। कोर्ट ने मंगलवार को उनके पक्ष में फैसला दिया था। इसके बाद उनको ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। बुधवार दोपहर तक चार शिक्षकों ने ज्वाइन भी कर दिया है। दो ने भी जल्द ज्वाइन करने की बात कही है। खाना, पानी की समस्या को लेकर एक समिति बनाई जाएगी। इसमें छात्रों को भी रखा जाएगा।

इंसेट-3
अंदर नहीं दिया तो गेट पर धरने में बैठे सपाई
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पर सपा की महिला नेता आंचल वर्मा, सेवललाल रावत, राधेलाल रावत, संदीप यादव, अशोक सिंह, राहुल यादव आदि भी पहुंच गए। पुलिस ने सपाइयों को विद्यालय के अंदर नहीं जाने दिया तो सभी गेट पर ही बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद एसडीएम पहुंची तो उनको विद्यालय में साफ-सफाई व भोजन की गुणवत्ता सही कराने का ज्ञापन सौंपा।

इंसेट-4
जाम में फंसे हजारों लोग
छात्रों के प्रदर्शन के चलते चौराहे पर चारों तरफ यातायात ठप हो गया। इसके चलते वाहनों की दस किमी तक कतारें लग गईं। जाम में हजारों लोग फंस गए। छात्रों के धरने से उठने के बाद पुलिस को यातायात सामान्य कराने में काफी पसीना बहाना पड़ा। करीब नौ बजे तीन घंटे बाद मोहान चौराहे पर यातायात सामान्य हो पाया।
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ये बनाए गए नियम
-अब रोजाना एक अधिकारी विद्यालय का निरीक्षण करेंगे।
-विद्यालय में शिकायत पेटिका लगेगी, चाभी डीएम के पास रहेगी।
-15 दिन में पेटिका खोली जाएगी, छात्रों की शिकायत पर सुनवाई होगी, नाम गोपनीय रहेगा।
-मैदान की साफ-सफाई कराई जाएगी, छात्रों के मांगे जाने पर खेलकूद के उपकरण दिए जाएंगे।
-आवासीय विद्यालय की ऊपरी मंजिल में भी भवन निर्माण कराया जाएगा।
-हर माह प्रमुख सचिव से लेकर अन्य अधिकारी एक रात्रि निवास विद्यालय में करेंगे।

फोटो-8-पुलिस अधिकारियों को समस्या बताते जाम लगाए छात्र। संवाद

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