असोहा/अचलगंज। लगातार 24 दिन से हो रही कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की मरम्मत और पैचिंग का काम फिलहाल पूरा हो गया। हालांकि कई और स्थानों पर सड़क धंसने और पैचवर्क उखड़ने से वाहन चालकों की परेशानी हो रही है। मंगलवार को तीन स्थानों पर पांच से दस मीटर हिस्से में सड़क धंसने और कुछ स्थानों पर पैचवर्क उखड़ने से चालकों को परेशानी हुई।
मंगलवार सुबह हुई बारिश का पानी भरने से एक्सप्रेसवे की सड़क में हुए व्हील ट्रैक और सड़क धंसने की समस्या लगातार 25वें दिन भी सामने आई। हालांकि बारिश रुक जाने और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने से मंगलवार को अधिकांश हिस्से में पानी ज्यादा देर नहीं रुका। इसके बाद भी कई और स्थानों पर सड़क धंस गई। कानपुर-लखनऊ लेन पर किलोमीटर संख्या 52.1 पर लोन नदी पुल के पास सड़क दबने से बने व्हील ट्रैक में पानी भरा नजर आया। दूर से नजर आने से वाहन चालक कुछ देर तक तो इससे बचकर निकलते रहे लेकिन पानी सूखते ही जर्क लगने लगे। किमी 62.8 आड़ेरुवा गांव के सामने करीब तीन मीटर सड़क धंस गई। किलोमीटर संख्या 61 दुर्जन खेड़ा गांव के पास अंडरपास के पहले चार दिन पहले किया गया पैचवर्क पानी जाने से फिर उखड़ने लगा है।
लखनऊ से कानपुर लेन पर किलोमीटर संख्या 48 पर तौरा गांव के पास किए गए पैचवर्क के पास ही सड़क का कुछ और हिस्सा धंसने से यहां तेज रफ्तार वाहन उछलते रहे। यहां धंसी सड़क दूर से नजर न आने से वाहन चालक असहज होते रहे। किलोमीटर संख्या 63 कोरारी अंडरपास के पास भी सड़क दब गई है। कानपुर-लखनऊ लेन पर किलोमीटर संख्या 31.2 के पास पानी के बहाव से सड़क पटरी की मिट्टी कटकर बह गई है। इससे सड़क को भी भी नुकसान पहुंचने लगा है।
ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने के लिए 165 जगह तोड़ी एजिंग
अचलगंज। एक्सप्रेसवे के जगह-जगह से धंसने के पीछे, ड्रेनेज सिस्टम की खामी सामने आने के बाद शुरू हुई सुधार की कवायद में अब तक 165 जगह कंक्रीट की एजिंग को हैमर मशीन से तोड़कर नाली के मुहाने सीधे सड़क से जोड़े जा चुके हैं। हालांकि पीएनसी के इंजीनियरों के मुताबिक अभी भी डेढ़ सौ से अधिक स्थानों पर जल निकासी दुरुस्त करने का काम बाकी है जिसे मशीनों के जरिये ठीक करने का काम जारी है।
वर्जन...
एक्सप्रेसवे में जहां भी कमी नजर आ रही है उसे ठीक किया जा रहा है। व्हील ट्रैक बनने वाले स्थानों पर भी सड़क की ऊपरी परत को हटाकर मरम्मत का काम पूरा हो गया है। आने वाले दिनों में जहां भी इस तरह की कमी नजर आएगी उसे तुरंत ठीक किया जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम को भी दुरुस्त किया जा रहा है। सत्य नारायण, मैनेजर पीएनसी